Report Times
latestOtherउत्तर प्रदेशटॉप न्यूज़ताजा खबरेंराजनीतिस्पेशल

आजम खान के बहाने सपा की जमीन खींच रहीं मायावती, इमरान मसूद ने संभल से शुरू किया काम

REPORT TIMES

मायावती ने कांग्रेस और सपा में रह चुके इमरान मसूद को जब अक्टूबर में पार्टी में शामिल किया था और उन्हें पश्चिम यूपी की कमान दी थी, तभी से कयास लगने लगे थे कि वह अपनी रणनीति बदल रही हैं। माना जा रहा था कि इमरान मसूद के जरिए वह ऐसे वक्त में मुस्लिम वोटों पर फोकस कर सकती हैं, जब अल्पसंख्यक समुदाय के सपा से नाराज होने की चर्चाएं चल रही हैं। खासतौर पर आजम खान की विधानसभा सदस्यता छिनने, मुकदमे लगने और उन पर ऐक्शन ने यह सवाल खड़ा किया है कि अखिलेश यादव खुलकर क्यों नहीं बोलते। अब मायावती के दूत बने इमरान मसूद ने यह संदेश मुस्लिमों में देना शुरू भी कर दिया है।

‘अखिलेश ने बर्बाद कर दिया आजम का करियर’

आजम खान का सियासी करियर बर्बाद करने में अखिलेश यादव का हाथ बताकर इमरान मसूद ने इसका आगाज कर दिया है। उत्तर प्रदेश के संभल में बसपा के सम्मेलन में पहुंचे इमरान मसूद ने अखिलेश यादव पर जमकर हमला बोला। इमरान मसूद ने कहा कि ‘अखिलेश यादव ने आजम खान का सियासी करियर बर्बाद कर दिया। आजम खान पर हो रहे जुल्म के लिए अखिलेश यादव जिम्मेदार हैं।’ उन्होंने कहा कि ‘अखिलेश को अपनी जाति के लोगों का भी वोट भी नहीं मिला। इसलिए अधिकांश सीटों पर उनकी हार हुई।’ यही नहीं इमरान मसूद ने कहा कि अखिलेश यादव को वहीं सफलता मिली, जहां मुसलमानों ने उसे वोट दिया।

सपा पर भड़के मसूद, मुस्लिमों को समझते हैं गुलाम

इस मौके पर इमरान मसूद ने सपा के हाथों से मुस्लिम वोट छीनने की कोशिश के खुलकर संकेत दिए। उन्होंने कहा कि मुस्लिमों को कब तक भाजपा से नफरत के नाम पर इस्तेमाल किया जाता रहेगा। इमरान मसूद ने कहा कि मुस्लिमों के वोट लेकर सियासत करने वाले हमें धमकाने वाले, हमसे गुलामों की तरह पेश आने वाले लोगों की बातों में न आएं। इस दौरान इमरान मसूद ने सपा छोड़कर मायावती संग आने की वजह भी बताई। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव तो अपने लोगों के भी काम नहीं आ रहे थे। इसलिए मैंने सपा से किनारा करना ही ठीक समझा है।

मायावती ने अब BDM समीकरण पर दिया जोर, कैसे फायदे की आस

बता दें कि मायावती ने 2007 में बड़ी जीत के बाद ब्राह्मण नेताओं को महत्व दिया था। इसके जरिए वह दलितों और ब्राह्मणों को साथ लाकर सत्ता की कुंजी हासिल करने की कोशिश में थीं। हालांकि वह इस कोशिश में मुस्लिम वोटों की सियासत से दूर होती दिखीं। अब जब बसपा अपने सबसे बुरे दौर में है तो उन्होंने रणनीति बदली है। अब वह सपा के एमवाई गठजोड़ के मुकाबले बसपा का बीडीएम गठजोड़ मजबूत करने की कोशिश में हैं। इसके तहत वह ब्राह्मण, दलित के अलावा मुस्लिमों को भी पार्टी में लाने की कोशिश में हैं। इसका जिम्मा फिलहाल उन्होंने इमरान मसूद को दिया है, जो पश्चिम यूपी में अपील रखते हैं।

Related posts

बंगाल की बर्खास्त मंत्री की सहयोगी अर्पिता मुखर्जी, विलाप, कार से बाहर निकलने से इनकार

Report Times

महावीर इंटरनेशनल इंद्रधनुष का दीपावली स्नेह मिलन समारोह

Report Times

राजस्थान: पोखरण में सैन्य युद्धाभ्यास के दौरान शहर क्रैश हुआ तेजस लड़ाकू विमान

Report Times

Leave a Comment