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वैलेंटाइन डे गिफ्ट! 28 महीने बाद घर लौटा गेमराराम…प्रेमिका के चक्कर में पहुंच गया था पाकिस्तान

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 राजस्थान  के बाड़मेर का रहने वाला 21 साल का गेमराराम, वीर के किरदार से मिलता जुलता ही है. हालांकि गेमराराम की कहानी वीर-जारा की फिल्मी कहानी से थोड़ी अलग है लेकिन केंद्र में उसके प्रेम ही है. सूबे के सरहदी इलाके बाड़मेर के रहने वाले 21 साल का गेमराराम 28 महीने पाकिस्तान की जेल में बिताकर मंगलवार वेलेंटाइन डे पर वापस वतन लौटा है. पिछले 28 महीनों से सरहद पार पाकिस्तान की जेल में अपने गांव लौटने की चाहत में बैठे गेमराराम के लौटने पर एक बार फिर से उसकी प्रेम कहानी लोगों के जहन में ताजा हो गई है. दरअसल प्रेमिका के साथ पकड़े जाने के डर से वह 4 नवंबर 2020 को गेमराराम सीमा पार कर पाकिस्तान में चला गया था और पाकिस्तान रेंजर्स ने उसे पकड़ लिया जिसके बाद उसे कराची की जेल में डाल दिया जहां से उसे हैदराबाद जेल में ट्रांसफर कर दिया गया. गेमराराम की रिहाई के लिए पिछले 2 साल में कई आवाजें उठी लेकिन हर बार मामला टलता रहा. वहीं गेमराराम की रिहाई के लिए आरएलपी सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल, केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी, सैनिक कल्याण बोर्ड अध्यक्ष मानवेन्द्र सिंह ने कई बार विदेश मंत्रालय को पत्र लिखकर वतन वापसी की मांग की.

आधी रात में तारबंदी लांघ गया था गेमराराम

बता दें कि सरहदी जिले बाड़मेर के चौहटन उपखण्ड क्षेत्र के सीमावर्ती कुम्हारों का टिब्बा सज्जन का पार का रहने वाला गेमराराम 5 नवम्बर 2020 की रात को भारत की अंतरराष्ट्रीय सीमा को पारकर पाकिस्तान पहुंच गया था. गेमराराम का गांव की एक युवती से प्रेम-प्रसंग चल रहा था और 4 नवंबर 2020 की रात वह प्रेमिका के घर गया था. इसी दौरान युवती के घरवाले जाग गए और उसे देख लिया. बताया जा रहा है कि डर के मारे वह वहां से भाग गया और उसे यह पता नहीं लगा कि वह किस तरफ भाग रहा है. इसके बाद वह तारबंदी क्रॉस करके पाकिस्तान की सीमा में चला गया था. हालांकि गेमराराम के प्रेम-प्रसंग को लेकर उसके परिजन इनकार करते रहे, लेकिन जेल में रहने के दौरान उसने खुद चिट्ठी लिखकर जिक्र किया था कि वह उस युवती से बहुत प्यार करता है.

इधर मंगलवार को सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के अधिकारियों के मुताबिक, दोपहर करीब ढाई बजे पाकिस्तानी रेंजर्स ने दो भारतीय नागरिकों गेमराराम की रिहाई के लिए विदेश मंत्री एस जयशंकर और पाकिस्तान में भारतीय दूतावास लगातार बातचीत कर रहे थे और उसके लौटने के बाद उसने पीएम नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस जयशंकर को धन्यवाद दिया. वहीं अब भारत मे प्रवेश करने के बाद विभिन्न सुरक्षा एजेंसियां गेमराराम से संयुक्त रूप से पूछताछ करेगी.

इंतजार करते-करते पिता ने तोड़ा दम

गेमराम पिछले 2 साल से अधिक समय तक पाकिस्तान की जेल में बंद रहा और बाड़मेर में बिजराड़ थाने में गेमराराम की गुमशुदगी का केस भी दर्ज है. इधर पाकिस्तान जाने के बाद से गेमराराम के पिता जुगताराम काफी परेशान रहने लगे और वह बीमार हो गए. वहीं बेटे से मिलने की चाह में नवंबर 2021 में उनकी मौत हो गई.इसके अलावा कराची जेल में रहने के दौरान गेमराराम ने कुछ मछुआरों के साथ 23 जनवरी 2022 को एक चिट्ठी घर भेजी थी. चिट्ठी में जय भारत नारे के शुरुआत करते हुए उसने लिखा था कि मैं यहां ठीक हूं, आप भी वहां पर ठीक होंगे. उसने मम्मी, पापा, दादा, दादी सहित भाइयों व बच्चों के बारे में हाल-चाल पूछा. बता दें कि गेमराराम ने इन दिनों में अपने परिवार को 4 चिट्ठियां लिखी थी.

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