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घर छोड़ा-बॉर्डर पार किया और पहुंची राजस्थान… जानें बांग्लादेशी हबीबा की लव स्टोरी

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अपने प्यार को पाने के लिए पाकिस्तान से सीमा हैदर और बांग्लादेश से सोनिया अख्तर की कहानी तो आप सभी ने सुनी ही होगी. अब बांग्लादेश से एक और लड़की अपने प्यार को पाने के लिए सरहद पार पहुंची है. बांग्लादेश की रहने वाली लड़की उम हबीबा ढाका राजस्थान के श्रीगंगानगर में एक गांव में पहुंची है. हालांकि जिस प्यार को पाने के लिए लड़की ने सरहदें पार कर दी हैं वह शादीशुदा है और उसके एक बेटा भी है. हबीबा और लड़के को फिलहाल पुलिस अपने साथ ले गई है और पूछताछ की जा रही है. जानकारी के मुताबिक यह पूरा मामला रावला के 13 डीओएल गांव का है. यहां पर रोशन सिंह का परिवार रहता है. करीब 6 महीने पहले बांग्लादेश की हबीबा से उसकी बातचीत एक सोशल मीडिया ऐप के जरिए शुरू हुई थी. दोनों के बीच बात-चीत का सिलसिला चलता रहा. धीरे-धीरे रोशन और हबीबा का प्यार परवान चढ़ता गया. इसके बाद हबीबा ने रोशन से मिलने की ठानी और वीजा के लिए अप्लाई कर दिया.

बांग्लादेश से ऐसे पहुंची बीकानेर

उम हबीबा बांग्लादेश से पहले पश्चिम बंगाल के कोलकाता पहुंची इसके बाद दिल्ली होते हुए वह बीकानेर पहुंची है. उसने रोशन को पहले से अपने आने की सूचना दी थी. जब हबीबा बीकानेर पहुंची तो उसने रोशन को बताया. रोशन उसे लेकर घर पहुंचा है. वहीं हबीबा के पहुंचने से रोशन के घर वाले बहुत परेशान हैं. उनका कहना है कि रोशन शादीशुदा है और उसका एक बेटा है ऐसे में वह हबीबा को घर में नहीं रख सकते हैं.

वापस नहीं जाना चाहती

रोशन की मां कृष्णाबाई ने कहा है कि जब वह घर आई थी तो उसे पंजाबी भाषा समझ नहीं आ रही थी, वह केवल हिंदी में बात कर रही थी. उन्होंने कहा है कि रोशन का खुदका परिवार है ऐसे में उन्होंने शासन-प्रशासन से अपील की है कि वह उसे वापस भेज दें. वहीं हबीबा का कहना है कि वह अब बांग्लादेश नहीं जाना चाहती है. उसके पास फिलहाल टूरिस्ट वीजा है और ढाका की रहने वाली है. उसने कहा है कि वह घर से यहां आई है और उसकी काफी बदनामी हो गई है इसी वजह से वह वापस नहीं जाना चाहती है.

चौथी तक पढ़ा है रोशन

रोशन की मां ने बताया कि वो और उसका भाई दोनों ही मजदूरी का काम करते हैं और वह खुद नरेगा में काम करती हैं. उनके पिता का करीब एक साल पहले निधन हो गया था. रोशन केवल चौथी तक पढ़ा हुआ है और बहुत भोला-भाला है.

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