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गहलोत के खिलाफ परिवर्तन यात्रा से नदारद रहीं वसुंधरा, क्या पीएम मोदी के मंच पर आएंगी नजर?

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राजस्थान विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी तपिश बढ़ती जा रही है. कांग्रेस अपनी सत्ता को बरकरार रखने तो भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) भी वापसी की जद्दोजहद में जुटी हुई है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बाद अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को जयपुर में जनसभा को संबोधित करेंगे. सूबे में चार दिशाओं से निकली बीजेपी की परिवर्तन यात्रा के समापन कार्यक्रम में पीएम मोदी शिरकत करेंगे, लेकिन सभी की निगाहें बीजेपी की दिग्गज नेता और पूर्व सीएम वसुंधरा राजे सिंधिया पर है. ऐसे में सभी की निगाहें इस बात पर है कि परिवर्तन यात्रा से अभी तक दूरी बनाकर चल रहीं वसुंधरा क्या पीएम मोदी के साथ जयपुर में मंच शेयर करेंगी? वसुंधरा राजे पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान आयोजित होने वाली बीजेपी की यात्राओं में शिरकत करती रही हैं. परिवर्तन यात्रा रही हो या फिर सुराज संकल्प यात्रा सहित अन्य यात्राओं में हमेशा वसुंधरा राजे ही लीड करती हुई दिखाई दे रही थीं. इस बार भी बीजेपी ने जब चार जगह से परिवर्तन यात्रा शुरू हुईं तो उन्होंने शीर्ष नेतृत्व के साथ मंच साझा किया था. 3 सितंबर को सवाई माधोपुर में बीजेपी की परिवर्तन यात्रा का आगाज जेपी नड्डा ने किया था तो उनके साथ वसुंधरा मंच पर नजर आई थीं और 4 सितंबर को हनुमानगढ़ के गोगामेड़ी में नितिन गडकरी के साथ भी दिखी थीं. लेकिन, इसके बाद से वह कहीं भी यात्रा में नहीं दिखीं.

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PM मोदी की रैली से पहले जयपुर में शक्ति प्रदर्शन

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बीजेपी की परिवर्तन यात्रा 20 सितंबर को झालावाड़ इलाके में पहुंची थी तो भी वसुंधरा राजे नजर नहीं आईं. झालावाड़ को वंसुधरा राजे का गढ़ माना जाता है और वहां पर उनकी गैरमौजदूगी ने कई सवाल खड़े कर दिए थे. इतना ही नहीं वसुंधरा राजे ने अब तक बीजेपी की परिवर्तन यात्राओं और विधानसभा चुनाव से जुड़े किसी भी मसले पर एक ट्वीट तक नहीं किया है, लेकिन पीएम मोदी की यात्रा से दो दिन पहले जयपुर में शक्ति प्रदर्शन जरूर किया. इस दौरान उन्होंने कहा, “मैं राजस्थान छोड़ने वाली नहीं हूं. मैं यहीं रहूंगी और लोगों की सेवा करूंगी.” वसुंधरा राजे ने कहा था कि भगवान कृष्ण ने द्रौपदी को आशीर्वाद देते हुए कहा था कि जब उसे सबसे ज्यादा जरूरत हो तो वह उनकी मदद ले सकती है. जब कौरवों ने द्रौपदी का अपमान किया, तो उसने भगवान कृष्ण से मदद मांगी. लोगों ने यह सोचकर उसका मजाक उड़ाया कि वह उसकी मदद करने नहीं आएंगे, लेकिन वह आए. साथ ही वसुंधरा राजे ने महिला आरक्षण के लिए पीएम मोदी को धन्यवाद दिया था. इस तरह से वसुंधरा राजे ने यह साफ कर दिया है कि राजस्थान की सियासत में ही सक्रिय रहेंगी.

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क्यों सक्रिय दिखाई नहीं दे रहीं वसुंधरा राजे

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बता दें कि राजस्थान में विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी ने पूरे दमखम के साथ चुनाव प्रचार में जुटी है, लेकिन पार्टी की लोकप्रिय चेहरा, दो बार की मुख्यमंत्री और पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसुंधरा राजे की इसमें सक्रियता क्यों दिखाई नहीं दे रही है. इसके पीछे वजह यह मानी जा रही है कि बीजेपी ने इस बार वसुंधरा राजे को सीएम पद का चेहरा नहीं बनाया है और पार्टी सामूहिक नेतृत्व में चुनाव लड़ने की रणनीति पर काम कर रही है जबकि 2003 से लेकर 2018 तक बीजेपी उन्हें आगे करके ही चुनाव लड़ती रही है. इसीलिए बीजेपी की निकलने वाली हर एक यात्रा का नेतृत्व भी करती हुई नजर आती रही हैं. यही वजह है कि इस बार उनकी सक्रियता पहले की तरह नहीं दिख रही है. बीजेपी ने पिछले चार विधानसभा चुनाव वसुंधरा राजे के चेहरे पर लड़े, लेकिन इस बार पार्टी उन पर दांव नहीं खेल रही है. राजस्थान में सीएम चेहरे के सवालों पर बीजेपी नेताओं के एक जैसा ही जवाब दे रहे हैं कि नरेंद्र मोदी ही उनका चेहरा हैं. इतना ही नहीं वसुंधरा राजे के समर्थक माने जाने वाले पूर्व विधानसभा अध्यक्ष कैलाश मेघवाल को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है.

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आज की रैली में सबकी नजर वसुंधरा राजे पर

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हालांकि, बीजेपी नेतृत्व वसुंधरा राजे को लेकर बहुत खुलकर कुछ नहीं बोल रहा है, क्योंकि मौजूदा समय में राज्य में पार्टी की एकलौती नेता है, जिनका पूरे राज्य में सियासी आधार है. ऐसे में बीजेपी उन्हें नजरअंदाज नहीं कर सकती. वसुंधरा राजे ने भी दो दिन पहले यह बयान देकर अपनी सियासी मंशा जाहिर कर दी थी कि वो राजस्थान से बाहर नहीं जाने वाली हैं. ऐसे में देखना होगा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोमवार को जयपुर में होने वाली रैली में वसुंधरा राजे शिरकत करती हैं या नहीं.वसुंधरा राजे को लेकर इसीलिए भी निगाहें लगी हैं, क्योंकि महिला आरक्षण बिल आने के बाद राजस्थान में पीएम की पहली रैली हो रही है. इसमें बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल ही नहीं हो रही हैं बल्कि कमान भी उन्हीं के हाथों में होगी. इस दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद देने आएंगी. पीएम मोदी खुली जीप में सभा के बीच से होकर मंच पर जाएंगे और उस दौरान दोनों तरफ से महिलाएं फूल की वर्षा करेंगी. ऐसे में पीएम मोदी के साथ वसुंधरा राजे मंच पर नजर आएंगी तो महिला वोटों को साधने बीजेपी के लिए और भी आसान हो सकता है?

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