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नाम तय, समिति गठित…फिर INDIA गठबंधन की प्लानिंग पर क्यों लगा ‘ब्रेक’?

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आज की तारीख में INDIA गठबंधन की हालत 9 दिन में चले अढ़ाई कोस जैसी ही नजर आती है. विपक्षी गठबंधन की पटना, बंगलुरू और मुंबई में हुई मैराथन बैठकों के बाद अभी तक सिर्फ INDIA नाम और समन्वय समिति समेत कुछ समितियों का ही गठन हो सका है, बाकी धरातल पर अब तक ये गठबंधन उतर नहीं सका है. INDIA गठबंधन की मुंबई बैठक के बाद तय हुआ कि समन्वय समिति, प्रचार समिति समेत तमाम समितियां बैठकें कर रणनीति बनाएंगी और धरातल पर INDIA गठबंधन मोदी सरकार से दो-दो हाथ करता नजर आएगा. लेकिन इसके उलट 13 सितंबर को दिल्ली में शरद पवार के घर हुई समन्वय समिति की बैठक के बाद सब कुछ अटका पड़ा है, यहां तक कि जो कुछ तय करके ऐलान किया गया वो भी सियासी धरातल पर उतार नहीं जा सका है. दरअसल, बाकी दल अपने राज्य के बाहर अपनी पार्टी का विस्तार करने और कांग्रेस पर दबाव बनाने की चाहत में सीटें मांग रहे हैं. भले ही बड़ा दिल रखने की सबने बात की हों लेकिन अपनी ज़मीन हर कोई छोड़ने के बजाय बढ़ाना चाहता है. कांग्रेस 5 राज्यों के चुनावों में बेहतर नतीजों की उम्मीद लगाए है, जिससे बाद वो रसूख के साथ गठबंधन में सीट बंटवारे और बाकी मुद्दों पर फैसले कर सके. इसीलिए INDIA गठबंधन आगे मजबूत होगा या कमज़ोर, इसमें कांग्रेस मजबूती के साथ होगी या दबकर गठजोड़ का हिस्सा रहेगी, ये सब 5 राज्यों के चुनावी नतीजे ही तय करेंगे, फिलहाल तो यही नज़र आ रहा है.

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INDIA गठबंधन की वो बातें जो अब तक अटकी हुई हैं -:

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  1. अक्टूबर के पहले हफ्ते में भोपाल में INDIA गठजोड़ की रैली का ऐलान किया गया, फिर विधानसभा चुनाव में सीट बंटवारे के फंसने पर गैर चुनावी राज्य में रैली का ऐलान किया गया, लेकिन अब तक उसकी कोई आधिकारिक सूचना नहीं है.
  2. दिल्ली में INDIA गठबंधन के लिए एक सचिवालय बनाने की बात हुई, इसकी जिम्मेदारी कांग्रेस को दी गई, लेकिन अब तक ये ठंडे बस्ते में है, हालांकि जानकारी के मुताबिक, फिलहाल समन्वय का काम कांग्रेस अध्यक्ष के घर से ही किया जा रहा है.
  3. समन्वय समिति में सीपीएम का प्रतिनिधि उसके पोलित ब्यूरो को तय करना था, लेकिन उसने प्रतिनिधि देने से ही मना कर दिया. इसकी वजह बंगाल में टीएमसी से उसकी सियासी अदावत माना गया है.
  4. वहीं टीएमसी ने समन्वय समिति के लिए अभिषेक बनर्जी का नाम तो दे दिया, लेकिन बाकी समितियों के लिए अब तक नाम ही नहीं दिया. इसकी वजह बंगाल में कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी और लेफ्ट की बयानबाजी को माना जा रहा है.
  5. हर पखवाड़े समन्वय समिति और प्रचार समिति समेत तमाम समितियों की बैठक होना तय हुआ था, लेकिन 13 सितंबर तक हुई एक बैठक होने के बाद अगली बैठक कब होगी तय नहीं है. साथ ही INDIA गठबंधन की अगली बैठक मुंबई के बाद कहां होगी ये भी अब तक तय नहीं है.
  6. तय हुआ कि मुंबई बैठक के बाद राज्यवार सीटों के बंटवारे पर चर्चा शुरू हो जाएगी और अक्टूबर में इसे अंतिम रूप दे दिया जाएगा, लेकिन सूत्रों के मुताबिक, ये काम बंगाल, दिल्ली, पंजाब जैसे राज्यों में शुरू ही नहीं हुआ और जहां हुआ वहां भी कछुए की गति से चल रहा है.
  7. पटना में तय हुआ कि जल्दी ही गठबंधन के एक समन्वयक और जरूरत पड़ने पर चैयरपर्सन का नाम भी तय किया जाएगा. चैयरपर्सन के लिए INDIA गठबंधन के नेताओं ने अनौपचारिक तौर पर खरगे और समन्वयक के लिए नीतीश कुमार के नाम पर आपसी चर्चा की, लेकिन कहीं कोई नाराज़ न हो जाये इस वजह से आधिकारिक रूप से इस पर कोई चर्चा नहीं हो सकी.
  8. इस सबके अलावा हाल में कांग्रेस किसान सेल के अध्यक्ष सुखपाल खैरा की पंजाब में गिरफ्तारी ने भी INDIA गठबंधन में खाई पैदा कर दी है. आप इसे नशे के खिलाफ एक्शन बता रही है, हमलावर पंजाब कांग्रेस इसे आप की बदले की भावना उठाया गया कदम बता रही है. जवाब में कांग्रेस के दिल्ली प्रभारी दीपक बावरिया ने केजरीवाल के बंगले को लेकर सीबीआई जांच को जायज ठहराकर पलटवार भी कर दिया.

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