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खेतड़ी सीट पर कांग्रेस का कब्जा, क्या BJP का खत्म होगा 20 साल का इंतजार

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राजस्थान में चुनावी अभियान जोर पकड़ता जा रहा है. यहां पर सत्तारुढ़ कांग्रेस के साथ-साथ भारतीय जनता पार्टी भी चुनाव में जीत हासिल करने को बेताब है. राजस्थान में 25 नवंबर को वोटिंग कराई जानी है. प्रदेश के झुंझुनूं जिले के तहत 7 विधानसभा सीटें आती हैं जिसमें 6 सीटों पर कांग्रेस का कब्जा है तो एक सीट भारतीय जनता पार्टी के पास है. जिले की खेतड़ी विधानसभा सीट पर कांग्रेस को जीत मिली थी.

कितने वोटर, कितनी आबादी

2018 के विधानसभा चुनाव में खेतड़ी विधानसभा सीट के चुनावी परिणाम की बात करें तो यहां पर जबर्दस्त कांटे का मुकाबला हुआ था. यहां त्रिकोणीय मुकाबला बीजेपी, कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी के बीच हुआ था. कांग्रेस के जीतेंद्र सिंह को 57,153 वोट मिले तो बीजेपी के धर्मपाल के खाते में 56,196 वोट आई. इसके अलावा बसपा के पूर्णमल सैनी ने 35,166 वोट लेकर बीजेपी के मुंह से जीत छीन ली. कांग्रेस के जीतेंद्र सिंह को कड़े मुकाबले में बीजेपी को 957 मतों के अंतर से जीत मिली. तब के चुनाव में खेतड़ी विधानसभा सीट पर कुल 2,00,000 वोटर्स थे जिसमें पुरुष वोटर्स की संख्या 1,05,539 थी तो महिला वोटर्स की संख्या 94,461 थी. इसमें से कुल 1,51,763 (76.6%) वोटर्स ने वोट डाले. NOTA के पक्ष में 1,373 (0.7%) वोट पड़े.

कैसा रहा राजनीतिक इतिहास

खेतड़ी विधानसभा सीट कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शीशराम ओला की वजह से जानी जाती है. इस सीट के राजनीतिक इतिहास की बात करें तो खेतड़ी सीट पर सबसे ज्यादा चुनाव जीतने का रिकॉर्ड कांग्रेस के दिग्गज नेता डॉक्टर जितेंद्र सिंह के पास है. डॉक्टर जितेंद्र सिंह ने 1988 में खेतड़ी में हुए उपचुनाव में पहली बार जीत हासिल की. फिर वह 1993, 1998, 2008 और 2018 में भी इस सीट से विधायक चुने गए. कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे शीशराम ओला भी खेतड़ी सीट (1957 और 1962) से 2 बार विधायक बने. जेएनपी और फिर बीजेपी के टिकट पर माला राम यहां से 3 बार चुनाव जीत चुके हैं. फिलहाल बीजेपी को इस सीट पर 2003 में आखिरी बार जीत हासिल हुई थी, जिसमें कांग्रेस के जीतेंद्र सिंह को हार मिली. 2008 और 2018 के चुनाव में जीतेंद्र सिंह को जीत मिली. जबकि 2013 में बसपा के पूर्णमाल सैनी ने जीत हासिल की थी.

सामाजिक आर्थिक-तानाबाना

खेतड़ी सीट पर गुर्जर समुदाय का दबदबा माना जाता है. इनके अलावा यहां पर सैनी, जाट, दलित और राजपूत बिरादरी के वोटर्स अच्छी संख्या में हैं. इस बार खेतड़ी सीट पर मुकाबला जोरदार होने की संभावना है क्योंकि डॉक्टर जितेंद्र सिंह इस चुनाव में अपनी बहू को टिकट दिलवाना चाहते हैं. जबकि बीजेपी की ओर से धर्मपाल सिंह अपने लिए टिकट की दावेदारी की जा रही है. बीजेपी के ही एक अन्य पूर्व विधायक दाता राम की बेटी भी टिकट की मांग कर रही हैं. बसपा ने मनोज घुमरिया को अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है. कांग्रेस और बीजेपी में टिकट को लेकर मचे घमासान के कारण अब तक उम्मीदवार के नाम का ऐलान नहीं किया गया है.

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