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उदयपुरवाटी विधानसभा सीट पर नाटकीय खेल, क्या बीजेपी को मिलेगा फायदा

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राजस्थान में विधानसभा चुनाव को लेकर चुनावी अभियान जोर पकड़ता जा रहा है, राजनीतिक दल अपने उम्मीदवारों के नाम को तय करने में लगे हुए हैं. यहां पर 25 नवंबर को वोटिंग कराई जाएगी. झुंझुनूं जिले के तहत 7 विधानसभा सीटें आती हैं जिसमें 6 सीटों पर कांग्रेस का कब्जा है, जबकि महज एक सीट ही भारतीय जनता पार्टी के पास है. उदयपुरवाटी सीट पर बहुजन समाज पार्टी को जीत मिली थी, लेकिन बाद में पार्टी के विधायक कांग्रेस में शामिल हो गए जिससे यह सीट सत्तारुढ़ पार्टी के पास चली गई.

कितने वोटर, कितनी आबादी

2018 के चुनाव में उदयपुरवाटी विधानसभा सीट के चुनावी परिणाम की बात करें तो यहां पर गजब का मुकाबला हुआ था. बहुजन समाज पार्टी के राजेंद्र सिंह गुढ़ा को 59,362 वोट मिले तो भारतीज जनता पार्टी के शुभकरण चौधरी के खाते में 53,828 वोट आए जबकि कांग्रेस के भगवानराम सैनी को 52,633 वोट मिले. अंत तक तीनों उम्मीदवार जीत की रेस में बने हुए थे, लेकिन जीत अंततः बहुजन समाज पार्टी के राजेंद्र सिंह गुढ़ा के पक्ष में गई. बसपा के राजेंद्र सिंह गुढ़ा ने 5,534 (3.2%) मतों के अंतर से चुनाव में जीत हासिल की. तब के चुनाव में उदयपुरवाटी सीट पर कुल वोटर्स की संख्या 2,20,446 थी जिसमें पुरुष वोटर्स की संख्या 1,16,822 थी तो महिला वोटर्स की संख्या 1,03,624 थी. इनमें से कुल 1,72,176 (78.9%) वोटर्स ने वोट डाले. NOTA को पक्ष में 1,650 (0.7%) वोट पड़े.

कैसा रहा राजनीतिक इतिहास

उदयपुरवाटी विधानसभा सीट के राजनीतिक इतिहास की बात करें तो 2008 में राजेंद्र सिंह गुढ़ा यहां से विधायक बने. गुढ़ा ने तब बसपा के टिकट पर चुनाव लड़े थे और कांग्रेस के विजेंद्र सिंह और बीजेपी के मदनलाल सैनी को हराया था. लेकिन चुनाव में जीत के बाद वह बसपा छोड़कर कांग्रेस में चले गए. साल 2013 के चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने राजेंद्र गुढ़ा को मैदान में उतारा लेकिन वह चुनाव हार गए. इस चुनाव में बीजेपी के शुभकरण चौधरी को जीत मिली. 2013 के चुनाव में हार के बाद कांग्रेस ने 2018 के चुनाव के लिए राजेंद्र गुढ़ा को टिकट नहीं दिया तो उन्होंने पार्टी छोड़ दिया और एक बार फिर बसपा में शामिल हो गए. इस चुनाव में राजेंद्र गुढ़ा ने जीत हासिल की. लेकिन उन्होंने एक बार फिर बसपा का साथ छोड़ दिया और कांग्रेस में चले गए. यहां अशोक गहलोत सरकार में वह सैनिक कल्याण (स्वतंत्र प्रभार), होमगार्ड और नागरिक सुरक्षा (स्वतंत्र प्रभार), पंचायती राज और ग्रामीण विकास मंत्री बनाए गए. हालांकि वह मनपसंद मंत्रालय नहीं मिलने से नाराज चल रहे थे और चुनाव से पहले उन्हें बर्खास्त कर दिया गया. उदयपुरवाटी विधानसभा सीट पर जारी राजनीतिक हलचल के बीच यहां इस बार का चुनाव बेहद खास होने वाला है क्योंकि बसपा के टिकट पर चुनाव जीतने वाले राजेंद्र गुढ़ा कांग्रेस में शामिल हो गए और फिर मंत्री भी बनाए गए. लेकिन अब उन्हें कांग्रेस सरकार से भी बर्खास्त कर दिया गया है. बीजेपी ने अपने पुराने खिलाड़ी शुभकरण चौधरी को ही मैदान में उतारा है, जबकि कांग्रेस की ओर से उम्मीदवार के नाम का ऐलान किया जाना है.

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