Report Times
latestOtherकरियरटॉप न्यूज़ताजा खबरेंदेशराजनीतिस्पेशल

विक्रम मिस्री ने भारत के विदेश सचिव के रूप में किया पदभार ग्रहण

विक्रम मिसरी ने सोमवार को भारत के विदेश सचिव का पदभार ग्रहण किया। भारतीय विदेश सेवा के 1989 बैच के अधिकारी मिसरी ने इस महत्वपूर्ण राजनयिक भूमिका में विनय मोहन क्वात्रा का स्थान लिया है। कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने विदेश मंत्रालय द्वारा विनय मोहन क्वात्रा के स्थान पर अगले विदेश सचिव के रूप में उनकी नियुक्ति के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।

विदेश मंत्रालय ने दी बधाई और शुभकामनाएं

इस अवसर पर विदेश मंत्रालय (MEA) ने विदेश सचिव मिसरी को उनके सफल कार्यकाल के लिए हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक पोस्ट में कहा, “विक्रम मिसरी ने आज विदेश सचिव के रूप में पदभार ग्रहण किया। #TeamMEA विदेश सचिव मिसरी का हार्दिक स्वागत करती है और उनके सफल कार्यकाल की कामना करती है।”

राजनयिक भूमिका में विनय मोहन क्वात्रा की ली जगह

इससे पहले बीते दिन 14 जुलाई को विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने निवर्तमान विदेश सचिव क्वात्रा को विदाई दी और पिछले एक दशक में भारत की विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा में उनके योगदान को स्वीकार किया। डॉ. जयशंकर ने अपने कार्यकाल के दौरान महत्वपूर्ण नीतियों को आकार देने और क्रियान्वित करने में क्वात्रा की रणनीतिक कुशलता की प्रशंसा भी की। विदेश मंत्री डॉ. जयशंकर ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में उनके समर्पण और कई योगदानों के लिए निवर्तमान विदेश सचिव विनय क्वात्रा को धन्यवाद। खासकर पिछले एक दशक में उन्होंने हमारी कई प्रमुख नीतियों की रणनीति बनाने और उन्हें क्रियान्वित करने में मदद की है। उनके भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं।”

अपनी नई भूमिका में कूटनीतिक अनुभव का खजाना लेकर आए हैं मिसरी

गौरतलब हो, 59 वर्षीय विक्रम मिसरी अपनी नई भूमिका में कूटनीतिक अनुभव का खजाना लेकर आए हैं। उन्हें तीन प्रधानमंत्रियों – 1997 में इंद्र कुमार गुजराल, 2012 में मनमोहन सिंह और 2014 में नरेंद्र मोदी के निजी सचिव के रूप में कार्य करने का गौरव प्राप्त है।

1964 में श्रीनगर में हुआ जन्म 

1964 में श्रीनगर में जन्मे और ग्वालियर में शिक्षित, मिसरी ने दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज से इतिहास में स्नातक की डिग्री और XLRI से MBA की डिग्री प्राप्त की है। उनके राजनयिक करियर में महत्वपूर्ण पोस्टिंग शामिल हैं, विशेष रूप से 2020 के गलवान घाटी संघर्ष के दौरान चीन में भारत के राजदूत के रूप में, जहां उन्होंने द्विपक्षीय चर्चाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

विक्रम मिसरी का शुरुआती करियर

मिसरी ने अपने शुरुआती करियर में ब्रुसेल्स और ट्यूनिस में भारतीय दूतावासों में भी काम किया। बाद में उन्होंने 2014 में स्पेन और 2016 में म्यांमार में भारत के राजदूत के रूप में कार्य किया। उन्होंने अफ्रीका और उत्तरी अमेरिका में कई भारतीय राजनयिक मिशनों में भी पद संभाले हैं

Related posts

रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के लिए कितने सेकेंड का है शुभ मुहूर्त?

Report Times

मंडावा को बड़ी सौगात: मंडावा को 24 घण्टे पीने का पानी, मोदी ने किया उद्घाटन, 25 हजार से ज्यादा लोगों को मिलेगा फायदा, सीवरेज का काम भी पूरा

Report Times

अमरनाथ यात्रा : भारी बारिश के चलते एक बार फिर अमरनाथ यात्रा रोक दी गई है

Report Times

Leave a Comment