राजस्थान। रिपोर्ट टाइम्स।
देवली-उनियारा विधानसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव के बीच एक बड़ा राजनीतिक विवाद सामने आया है। कांग्रेस के बागी नेता और निर्दलीय उम्मीदवार नरेश मीणा ने मालपुरा एसडीएम अमित चौधरी को थप्पड़ मार दिया, जिससे पूरी स्थिति तनावपूर्ण हो गई है। (Rajasthan By-Election 2024) इस हमले के बाद RAS एसोसिएशन ने नरेश मीणा की गिरफ्तारी की मांग करते हुए प्रशासन पर दबाव डालना शुरू कर दिया है।
वहीं, टोंक एसपी ने इलाके में भारी पुलिस फोर्स तैनात कर दिया है, जिससे समरावता में माहौल गर्म हो गया है। नरेश मीणा अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गए हैं, और उनका विरोध तेज होता जा रहा है, जिससे प्रशासन की नींद उड़ गई है। इस घटनाक्रम ने न केवल देवली-उनियारा उपचुनाव को लेकर सियासी समीकरण बदल दिए हैं, बल्कि पूरे जिले में कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं, और अब सबकी नजरें इस विवाद पर टिक गई हैं।
नरेश मीणा के खिलाफ विरोध प्रदर्शन
नरेश मीणा द्वारा एसडीएम अमित चौधरी को थप्पड़ मारे जाने के बाद टोंक के जाट समाज में भारी नाराजगी देखी जा रही है। बड़ी संख्या में लोग विरोध प्रदर्शन के लिए सड़कों पर उतर आए हैं। नरेश मीणा के पोस्टर जलाए जा रहे हैं और उनके खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए जा रहे हैं।
समरावता गांव में तैनात भारी पुलिस फोर्स
समरावता गांव में हालात बिगड़ते ही पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान और एडिशनल एसपी ब्रजेन्द्र सिंह भाटी के नेतृत्व में भारी पुलिस बल और अर्ध सैनिक बल के जवानों को तैनात किया गया है। इस समय पूरा गांव छावनी में तब्दील हो चुका है, जहां स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।
एसडीएम ने धोखे से किए वोट
नरेश मीणा ने एसडीएम अमित चौधरी पर आरोप लगाया कि उन्होंने चुपके से तीन वोट डलवाए थे, जो उनके कर्मचारी थे। मीणा का कहना है कि इस पर जनता उग्र हो गई थी, लेकिन अब स्थिति शांत हो चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने 100% मतदान करने की बात कही थी और पुलिस को अपने पास बैठा लिया था।
