महाराष्ट्र। रिपोर्ट टाइम्स।
महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव की वोटिंग से ठीक एक दिन पहले सियासत और भी गरमा गई. एक के बाद एक कैश कांड के मामले सामने आए. पहले बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े पर पैसा बांटने का आरोप लगा. इसके बाद शरद पवार के पोते रोहित की कंपनी के एक अधिकारी को नोट बांटते पकड़ा गया. ये बवाल अभी थमा नहीं था कि एक और कैश कांड सामने आ गया. गोरेगाव पूर्व दिंडोशी विधानसभा से एकनाथ शिंदे गुट के उम्मीदवार संजय निरुपम की इनोवा कार से करोड़ों रुपए बरामद हुए हैं.
रोहित पवार की कंपनी के अधिकारी पकड़े गए
वहीं शरद पवार के पोते रोहित पवार की कंपनी बारामती एग्रो के एक अधिकारी मोहिते को पैसे बांटते हुए पकड़ा गए. बताया जा रहा है क् मोहिते सतारा कर्जत जामखेड विधानसभा में मतदाताओं को लुभाने के लिए नोट बांट रहा था. इसी दौरान उसे पकड़ लिया गया. मोहिते के पास से पुलिस ने एक लिस्ट भी बरामद की है. इस लिस्ट में पूरी जानकारी थी कि अब तक कितने लोगों को पैसे दिए गए हैं और कितने लोगों को देने हैं.
विनोद तावड़े पर लगा पैसा बांटने का आरोप
इससे पहले मंगलवार को विनोद तावड़े पर पैसा बांटने का आरोप लगा था. इस मामले को लेकर जमकर हंगामा हुआ. हुजन विकास अघाड़ी कार्यकर्ताओं ने तावड़े पर 5 करोड़ रुपए लाने और पैसे बांटने का आरोप लगाया है. हालांकि विनोद तावड़े ने इन आरोपों से सिरे से इनकार किया है. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को इस पूरे मामले की जांच करना चाहिए, सीसीटीवी चेक करने चाहिए, जिसके बाद सच्चाई सभी के सामने आ जाएगी. उन्होंने कहा कि नालासोपारा के विधायकों की बैठक होनी थी. इसलिए वह इस बैठक में आदर्श आचार संहिता, वोटिंग मशीन को सील करने का तरीका आदि बताने के लिए पहुंचे थे.
