रिपोर्ट टाइम्स।
राजस्थान में महिलाओं की सुरक्षा और उनके रोजगार को बढ़ावा देने के लिए एक नई पहल की शुरुआत की जा रही है। राज्य सरकार महिला एवं बाल विकास विभाग के तहत ‘महिला मित्र’ योजना की तैयारियों में जुटी है। इस योजना के तहत महिलाओं को सुरक्षा के साथ-साथ उनके रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा मिलेगा। ‘महिला मित्र’ का उद्देश्य महिलाओं को न केवल कानूनी सहायता और सुरक्षा प्रदान करना है, बल्कि उन्हें अपने पैरों पर खड़ा होने के लिए आवश्यक संसाधन और समर्थन भी उपलब्ध कराना है। इसके लिए राज्य सरकार बजट में इस योजना का ऐलान कर सकती है, जो महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। इस पहल के माध्यम से राजस्थान में महिला सुरक्षा के साथ-साथ उनके सामाजिक और आर्थिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे राज्य की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिलेगी।
महिला मित्र योजना का प्रस्ताव
महिला एवं बाल विकास विभाग ने बजट के लिए भेजे गए सुझावों में महिला मित्र योजना को शामिल किया है। इसके तहत हर ग्राम पंचायत में एक महिला मित्र नियुक्त की जाएगी, जो महिलाओं को सरकारी योजनाओं और स्वरोजगार के अवसरों के बारे में जानकारी प्रदान करेगी। महिला मित्रों का कार्य महिलाओं की सुरक्षा को सुनिश्चित करना, उनके अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूकता फैलाना, और सरकारी योजनाओं से जुड़ी जानकारी देना होगा। महिला एवं बाल विकास विभाग ने कामकाजी महिलाओं के लिए एक और महत्वपूर्ण कदम उठाने की योजना बनाई है। विभाग ने सरकारी और निजी कार्यालयों में छोटे बच्चों के लिए क्रेच की सुविधा देने का प्रस्ताव किया है।
यह सुविधा उन कार्यालयों में होगी, जहां 50 से अधिक महिलाएं काम करती हैं। इससे कामकाजी महिलाओं को अपने बच्चों की देखभाल के लिए विशेष सुविधा मिलेगी और उनके कार्य जीवन में संतुलन बनाए रखना आसान होगा।
महिला कल्याण के लिए और कदम
महिला एवं बाल विकास विभाग ने बजट के लिए विभिन्न प्रबुद्धजनों, महिला संगठनों और एनजीओ से सुझाव लिए हैं, जिन्हें मुख्यमंत्री कार्यालय भेजा गया है। इसके अलावा, महिलाओं को व्हीकल रोड टैक्स में सब्सिडी और सर्वाइकल कैंसर के इलाज को नि:शुल्क करने जैसे अहम सुझाव दिए गए हैं, जो महिला कल्याण की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।
