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चिड़ावा। आंवला नवमी शहर में बड़े ही उत्साह के साथ मनाई गई। शहर के श्री देवी मंदिर, लक्ष्मीनारायण मंदिर, रुद्र हनुमान मंदिर सहित शहर के अन्य धार्मिक स्थलों और अन्य स्थानों पर आंवला वृक्ष स्थलों पर महिलाएं आंवले के वृक्ष की पूजा करने पहुंची है।

परमहंस पंडित गणेश नारायण आध्यात्मिक केंद्र के आचार्य पंडित मुकेश पुजारी ने बताया कि शास्त्रों के अनुसार, आंवला नवमी के दिन आंवला के वृक्ष की पूजा की जाती है। कहते हैं कि ऐसा करने से व्यक्ति के सभी पाप नष्ट दुर हो जाते हैं और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।

आंवला नवमी का महत्व
आंवला नवमी के दिन आंवला के वृक्ष के नीचे भोजन बनाने और भोजन करने का विशेष महत्व है। आंवला नवमी को ही भगवान विष्णु ने कुष्माण्डक दैत्य को मारा था। संतान प्राप्ति के लिए इस नवमी पर पूजा अर्चना का विशेष महत्व है।

