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पोस्टर से क्यों गायब हैं राहुल गांधी-प्रियंका गांधी, पार्टी के खिलाफ बिगुल के यहां और भी हैं निशान?

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जयपुर: राजस्थान के पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने जंग का ऐलान कर दिया है जहां उन्होंने रविवार को किए वादे के मुताबिक जयपुर के शहीद स्मारक पर अनशन शुरू कर दिया है. पायलट ने पिछली वसुंधरा राजे सरकार के दौरान हुए कथित भ्रष्टाचार घोटालों की जांच नहीं करवाने को लेकर सीएम अशोक गहलोत पर आरोप लगाए थे. वहीं पायलट अनशन के दौरान मंच पर ‘गांधीवादी अवतार’ में अकेले बैठे दिखाई दे रहे हैं. इसके अलावा उनके कुछ युवा समर्थक और करीबी लोग मंच के आसपास मौजूद हैं. वहीं पायलट अनशन के लिए मंच पर लगे पोस्टरों में सिर्फ महात्मा गांधी की फोटो लगी है और राहुल गांधी से लेकर सोनिया-प्रियंका गांधी सभी की फोटो नदारद है. इसके अलावा पायलट के अनशन पर राजस्थान सरकार में कैबिनेट मंत्री विश्वेंद्र सिंह के बेटे अनिरुद्ध सिंह की मौजूदगी ने हर किसी का ध्यान खींचा है. बता दें कि पायलट के अनशन के दौरान मंच पर कोई भी वर्तमान कांग्रेस विधायक नहीं दिखाई दे रहा है. हालांकि कुछ उनके युवा कांग्रेस समर्थक और चुनाव लड़ने के दावेदार दिख रहे हैं. दरअसल पायलट के मंच पर महात्मा गांधी के अलावा सोनिया-राहुल के पोस्टर गायब होने को लेकर माना जा रहा है कि पायलट कोई बड़ा संदेश दे रहे हैं. माना जा रहा है कि वह अनशन के बाद अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर कोई बड़ा ऐलान भी कर सकते हैं. वहीं इधर अनिरुद्ध सिंह ने बीते दिनों ब्रिटेन दौरे के बाद लौटे राहुल गांधी पर तल्ख टिप्पणी करते हुए उन्हें झक्की और सिरफिरा तक कह दिया था. ऐसे में अनिरुद्ध की पायलट के मंच पर मौजूदगी कई सवाल पैदा कर रही है.

मंच से कांग्रेस का सिंबल भी गायब

बता दें कि पायलट के धरनास्थल पर लगे पोस्टरों से राहुल-सोनिया का फोटो के अलावा कांग्रेस का निशान भी नहीं दिख रहा है. वहीं मंच पर गांधी का भजन ‘वैष्णव जन तो…’ लगातार बज रहा है और पायलट मौन मुद्रा में बैठे हैं. इसके साथ ही पायलट के आसपास कई कांग्रेसी कार्यकर्ताओं का जमावड़ा दिख रहा है लेकिन उनके समर्थित विधायक सभी गायब हैं. बताया जा रहा है कि धरनास्थल पर फिलहाल 1500-2000 लोगों की भीड़ है. इससे पहले मंगलवार को सुबह ज्योतिबा फुले और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को नमन करने पायलट ने अपने मौन अनशन की शुरूआत की. वहीं शहीद स्मारक पर आने से पहले पायलट ने 22 गोदाम सर्किल के पास समाज सुधारक ज्योतिबा फुले की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की. बताया जा रहा है कि पायलट ने पोस्टरों और अनशन से कुछ बड़ा कदम उठाने के संकेत साफ दे दिए हैं. वहीं पायलट से जुड़े कुछ करीबियों का कहना है कि ये पायलट का व्यक्तिगत कार्यक्रम है और कांग्रेस पार्टी की ओर से सोमवार देर रात अपना स्टैंड क्लियर कर देने के बाद पायलट ने गांधी के जरिए संदेश देने की कोशिश की है. मालूम हो कि प्रभारी रंधावा ने अनशन से पहले कहा था कि अगर सचिन पायलट अनशन करते हैं तो उसे पार्टी विरोधी गतिविधि माना जाएगा.

पायलट के अनशन में पहुंचे पर्यटन मंत्री के बेटे

वहीं पर्यटन मंत्री के बेटे अनिरूद्ध सिंह मंगलवार को पायलट के अनशन में शामिल होने पहुंचे हैं जो सचिन पायलट के पुराने समर्थक हैं और वह अक्सर पायलट को अपना मामा बताते हैं. हालांकि बीते दिनों सिंह राहुल गांधी को लेकर विवादित बयानों के चलते सुर्खियों में आए थे. बीते महीने राहुल गांधी के ब्रिटिश पार्लियामेंट में दिए बयान के बाद अनिरुद्ध सिंह ने राहुल गांधी पर तल्ख टिप्पणी करते हुए उन्हें झक्की और सिरफिरा बता दिया था.सिंह ने लिखा था कि वह झक्की-सिरफिरे हो गए हैं, जो दूसरे देश की संसद में अपने देश का अपमान करते हैं. उन्होंने आगे कहा कि शायद राहुल गांधी इटली को अपनी मातृभूमि मानते हैं. वहीं अनिरुद्ध ने यह भी कहा कि इटली के माफिया भारत में जमीन हड़प रहे हैं.

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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को छत्तीसगढ़ में नक्सलियों को चेतावनी दी कि वे आत्मसमर्पण कर दें नहीं तो लड़ाई का परिणाम तय है और दो वर्ष में नक्सलवाद को समाप्त कर दिया जाएगा. शाह नक्सल प्रभावित कांकेर जिले में चुनावी सभा को संबोधित कर रहे थे. सुरक्षाबलों ने 16 अप्रैल को कांकेर जिले में एक मुठभेड़ के दौरान 29 नक्सलियों को मार गिराया था, जिसमें 15 महिलाएं भी शामिल थीं. शाह ने सभा को संबोधित करते हुए कहा, पिछले 10 वर्षों के दौरान नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद को समाप्त किया। मोदी जी ने इस देश से नक्सलवाद को समाप्ति के कगार पर ला दिया. उन्होंने कहा, पांच वर्ष तक मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार में नक्सलियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई. विष्णु देव साय के मुख्यमंत्री और विजय शर्मा के गृह मंत्री बननेके बाद पिछले चार माह में सुरक्षाबलों ने 90 से ज्यादा नक्सलवादियों को मार गिराया. इसके साथ ही 123 नकस्लियों को गिरफ्तार किया गया और 250 ने आत्मसमर्पण कर दिया. देश भर से नक्सलवाद को समाप्त किया अमित शाह ने कहा, मोदी जी ने देश भर से नक्सलवाद को समाप्त किया चाहे वह आंध्रप्रदेश हो, तेलंगाना हो, बिहार बिहार हो, झारखंड हो या मध्य प्रदेश हो. मैं कहकर जाता हूं कि मोदी जी को फिर से प्रधानमंत्री बना दीजिए और दो साल दे दीजिए. छत्तीसगढ़ से हम नक्सलवाद को उखाड़ फेंकेंगे. गृह मंत्री ने कहा, जब तक नक्सलवाद है तब तक आदिवासी भाई बहनों के लिए बिजली, स्कूल, राशन की दुकान देने में परेशानी हो रही है. जो भी नक्सली बचे हैं उनको कहता हूं कि सरेंडर हो जाओ, आपको फिर से प्रतिस्थापित करेंगे नहीं तो लड़ाई का परिणाम तय है. नक्सलवाद को हम समाप्त कर देंगे. नक्सलियों को आत्मसमर्पण करने के लिए समझाएं शाह ने सभा में मौजूद जनता से अनुरोध किया कि वे नक्सलियों को आत्मसमर्पण करने के लिए समझाएं. उन्होंने कहा, मैं आदिवासी भाइयों और बहनों से कह रहा हूं कि जब तक नक्सलवाद है आदिवासी क्षेत्र में शांति नहीं हो सकती, रोड नहीं बन सकता, बिजली नहीं पहुंच सकती, गैस कनेक्शन नहीं आ सकता, शिक्षा नहीं पहुंच सकती, नौकरी नहीं पहुंच सकती और इलाज नहीं पहुंच सकता है. शाह ने कहा कि आप सभी लोग उनको समझाइए सरेंडर कर जाएं, ना करें तो आप चिंता मत करना, हम दो ही साल में छत्तीसगढ़ की भूमि से नक्सलवाद को उखाड़ कर फेंक देंगे और यहां विकास की गंगा प्रवाहित करेंगे. Read Also : अमित शाह ने कटिहार से भरी हुंकार, कांग्रेस और राजद पर बोला हमला, जानिए लालू-तेजस्वी के लिए क्या कहा.. उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी ने 2037 में विकसित भारत की कल्पना रखी है. विकसित भारत का सबसे बड़ा फायदा आदिवासी, दलित, किसान, युवा, गरीब और महिलाओं को होने वाला है। विकसित भारत की कल्पना आप सभी के कल्याण के लिए है. शाह ने कहा कि कांग्रेस कहती है कि देश के संसाधनों पर पहला अधिकार अल्पसंख्यकों का है लेकिन हम (भाजपा) कहते हैं कि देश के संसाधनों पर पहला अधिकार गरीबों, आदिवासियों, दलितों और पिछड़ों का है.

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