
आरक्षित श्रेणियों में क्षमता से अधिक वेटिंग लिस्ट टिकट वाले यात्रियों के सवार हो जाने से होनेवाली परेशानी के मद्देनजर रेलवे ने यह बदलाव किया है। रेलवे बोर्ड के कार्यकारी निदेशक यात्री विपणन शिवेंद्र शुक्ला की ओर से सभी जोनल रेलवे को इससे जुड़ा पत्र जारी कर दिया गया। सोमवार से बदलाव प्रभावी भी हो गया। रेलवे की इस नई व्यवस्था से देशभर के लाखों यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।

राजधानी, दुरंतो समेत ज्यादातर ट्रेनों में दिखने लगे नो रूम
वेटिंग लिस्ट टिकट के लिए सीमा निर्धारित होते ही ज्यादातर ट्रेनों में नो रूम दिखने लगे। धनबाद से चलने वाली गंगा-सतलज, धनबाद-अलेप्पी एक्सप्रेस के साथ-साथ यहां से गुजरने वाली कोलकाता-जम्मूतवी एक्सप्रेस, दून एक्सप्रेस समेत अन्य लंबी दूरी की ट्रेनों के स्लीपर व एसी श्रेणी में निर्धारित सामान्य काेटे के बाद 25 प्रतिशत वेटिंग लिस्ट टिकट जारी होते ही रिग्रेट यानी नो रूम दिखने लगा है। हावड़ा-नई दिल्ली राजधानी, सियालदह-नई दिल्ली राजधानी में पूरे जून तक तो दुरंतो एक्सप्रेस में भी अलग-अलग दिनों में नो रूम की स्थिति है।

तत्काल टिकट में भी लागू होगी यही व्यवस्था
निर्धारित कोटे से 25 प्रतिशत तक अधिक टिकट बुकिंग की व्यवस्था तत्काल कोटे से बुक होनेवाले टिकटों पर भी होगा। रियायती टिकट व वारंट में इसकी बाध्यता नहीं रहेगी। रोड साइड स्टेशन के साथ छोटे स्टेशन पर भी यह प्रभावी होगा।
