चिड़ावा शहर को वैसे तो शिवनगरी के रूप में जाना जाता है। बावलिया बाबा द्वारा दिए गए शिवनगरी नाम की सार्थकता सिद्ध भी होती है। क्योंकि यहां पर बड़ी संख्या में शिवालय हैं। लेकिन इसके बावजूद इस नगरी में नगरदेव के रूप में भोलेनाथ के भक्त बावलिया बाबा को पूजा जाता है। वहीं नगर के मध्य विराजित हैं श्रीकल्याणराय जी को नगर सेठ के रूप में पूजा जाता है। आज अद्भुत संयोग इन नगरदेव और नगर सेठ से जुड़ा हुआ ही है। जी हां आज गुरुवार है और गुरुवार को नगरदेव बावलिया बाबा का वार माना जाता है। हर गुरुवार को बाबा के दर्शनों को चिड़ावा उमड़ता है। वहीं आज पुत्रदा एकादशी भी है। इस खास दिन को कल्याणराय मंदिर में खास उत्सव के रूप में मनाया जाता है। इस खास दिन को हिंडौला महोत्सव होता है। पूरे मंदिर को दुल्हन की तरह सजाया जाता है और भगवान को पालने में भक्त झूला झुलाने मंदिर में उमड़ते हैं। इस खास दिन को भगवान कल्याणराय जी और लाडली जी का नयनाभिराम श्रृंगार किया जाता है और छप्पन भोग लगाया जाता है। लेकिन इस बार कॉरोना संक्रमण में सरकारी गाइडलाइंस के चलते मंदिर में उत्सव का आयोजन नहीं हो रहा। लेकिन मंदिर में छप्पनभोग की झांकी जरूर सजाई जाएगी। तो आज इस अद्भुत संयोग में बावलिया बाबा और कल्याणराय जी के दर्शन एक साथ दर्शन करें रिपोर्ट टाइम्स पर और पुण्यलाभ कमाएं।
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