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जिसका मन नहीं लग रहा, वो अपना रास्ता तय करें’ इशारों में कटारिया का वसुंधरा पर निशाना

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राजस्थान में कांग्रेस की खींचतान के साथ बीजेपी की गुटबाजी भी बराबर चल रही है. जहां कांग्रेस में कुर्सी की लड़ाई जोरों पर है वहीं  BJP  खेमे में कुर्सी पर बैठने वाले चेहरे को लेकर तकरार चरम पर है. ताजा घटनाक्रम के मुताबिक बीजेपी की भारत जोड़ो यात्रा के दौरान निकलने वाली जन आक्रोश रैली से जुड़ा है जिसको लेकर पूर्व सीएम वसुंधरा राजे की दूरियां चर्चा का विषय बनी हुई है. जन आक्रोश रैली के कार्यक्रम की शुरूआत से ही राजे कैंप ने दूरी बना रखी है. वहीं रैली की तैयारियों को लेकर होने वाली कार्यशाला में नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने बड़ा बयान दिया है.

माना जा रहा है कि पूनिया और कटारिया ने राजे पर निशाना साधा है. कार्यशाला में कटारिया बोले कि जिसका मन नहीं लग रहा है तो वो अपना अलग रास्ता ले लें, वहीं सतीश पूनिया ने इस दौरान कहा कि किसी का नाम नहीं आए या मंच पर जगह नहीं मिले, तो उसको मनभेद नहीं रखना चाहिए. अब दोनों नेताओं के बयान को राजे की दूरी से जोड़कर देखा जा रहा है. हालांकि, कटारिया और पूनिया ने किसी नेता का नाम नहीं लिया.

जो चाहें वो अपना रास्ता लें ले : कटारिया

कटारिया ने कहा कि कोई मनभेद या मतभेद होता ही नहीं है, एक पार्टी में हर कोई एक साथ चलता है, और काम करता है. उन्होंने आगे कहा कि अगर किसी के मन में उठापटक चल रही है तो वह अपना रास्त ले सकता है. कटारिया के मुताबिक पार्टी में सामूहिक निर्णय होते हैं और सामूहिक निर्णय को मानना पड़ता है, अगर किसी का मन नहीं लग रहा है या दिमाग में कुछ चल रहा है तो अपना रास्ता अलग कर लें.

बता दें कि बीजेपी गहलोत सरकार के खिलाफ जनाक्रोश रैली निकालने जा रही है जहां शुरू से ही वसुंधरा कैंप ने दूरी बना रखी है. वहीं वसुंधरा राजे के रैली में शामिल होने पर भी अभी सस्पेंस बना हुआ है. जानकारों का कहना है कि पिछले कुछ समय से राजस्थान में बीजेपी खेमे में पूनिया के समर्थन में नेताओं की गोलबंदी देखने को मिल रही है. ऐसे में कटारिया एक समय तक जहां राजे खेमे के नजदीक थे उनका यह बयान अहम है.

गहलोत सरकार पर बरसे पूनिया

वहीं बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने इस दौरान गहलोत सरकार को जमकर घेरा. पूनिया ने कहा कि सरकार 4 साल का कार्यकाल पूरा करने जा रही है लेकिन प्रदेश में किसान बदहाल है, आमजन परेशान है और बेरोजगारों को रोजगार अब तक नहीं मिला है. पूनिया ने कहा कि सूबे में कानून व्यवस्था का बुरा हाल है और बहन-बेटियां सुरक्षित नहीं है. पूनिया ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि रैली के दौरान गहलोत सरकार की विफलताओं को जनता के बीच लेकर जाना है.

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