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राजस्थान इंटेलीजेंस की सुचना पर 4 कॉल सेंटर पर एक्शन:40 से अधिक युवक-युवतियां गिरफ्तार,अमेरिका के लोगों के साथ किया करते थे साइबर फ्रॉड

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राजस्थान इंटेलिजेंस की सूचना पर जयपुर कमिश्नरेट पुलिस ने देर रात 4 जगहों पर दबिश देकर 40 से अधिक युवक और युवतियों को गिरफ्तार किया है। यह सभी लोग कॉल सेंटरों में बैठकर अमेरिका फोन किया करते थे। इंटेलिजेंस अधिकारियों ने बताया कि पिछले कुछ माह से निरंतर अमेरिका फोन जाने की जानकारी मिल रही थी। जिसके बाद आईपी ऐड्रेस और फोन कॉल को ट्रेस किया गया। जिससे पता चला की अलग-अलग लोकेशन से बड़ी संख्या में फोन कॉल अमेरिका जा रहे हैं। इन फोन कॉल्स पर जब काम किया गया तो इंटेलिजेंस के अधिकारियों को पता चला कि ये फ्रॉड कॉल हैं। इस पर इंटेलिजेंस के अधिकारियों ने जयपुर कमिश्नरेट की टीम के साथ मिलकर सिरसी रोड, भांकरोटा, जगतपुरा और चित्रकूट में बने इन कॉल सेंटर पर दबिश दी। रात 8 बजे इंटेलिजेंस के अधिकारी जयपुर कमिश्नरेट पहुंचे और जयपुर कमिश्नरेट की सीएसटी टीम को अपने साथ में लेकर इन जगहों पर दबिश दी। देर रात 12 बजे से सभी सेंटरों पर पुलिस ने दबिश देना शुरू किया। इस दौरान पुलिस के हाथ बड़ी संख्या में लैपटॉप, डोंगल, फाइबर और 40 से अधिक युवक और युवतियां मिली हैं। इन सभी के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं।

चार थानों में दर्ज हो रही कॉल सेंटरों के खिलाफ शिकायत

इंटेलिजेंस टीम की छापेमारी के बाद अब रामनगरिया, करणी विहार,भांकरोटा और चित्रकूट में इन सेंटरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होना शुरू हो रहा हैं। एडीजी इंटेलीजेंस एस.सिंगाथिर ने बताया कि पिछले कुछ माह से इंटेलीजेंस के पास सूचना मिल रही थी की रात को कुछ इलाकों से इंटरनेट और सामान्य कॉल अमेरिका जा रही हैं। इस पर कॉल को ट्रेस कर लोकेशन देखी गई। तो पता चला कि इन जगहों पर कॉल सेंटर चलते हैं। जिसके बाद फोन कॉल्स पर काम किया गया। तो पता चला कि ये लोग अमेरिका में बुजुर्ग लोगों को फोन कर के उनके साथ अलग-अलग तरीके से साइबर क्राइम किया करते थे। जिस पर इन लोगों के खिलाफ एक्शन लिया गया। यह एक्शन इंटेलीजेंस की टीम और जयपुर कमिश्नरेट की सीएसटी की टीम के द्वारा किया गया हैं।

अमेरिकन एसेंट में इंग्लिश बोलने वालों को रखते थे जॉब पर

प्रारम्भिक जांच में सामने आया है कि कॉल सेंटर में काम उन्ही को दिया जाता था जो अमेरिकन एसेंट में इंग्लिश में बात कर सकते हैं। क्यों की कॉल सेंटर संचालक यह जानता था कि अगर सामान्य इंग्लिश में बात की तो अमेरिकन पकड़ लेंगे और उनके शिकार होने से बच जाएगे। ऐसे में कॉल सेंटर में उन्ही का सलेक्शन किया जाता जो अच्छी अमेरिकन इंग्लिश बोलते हो। ये लोग बुजुर्ग लोगों को बैंक कर्मचारी बनकर फोन किया करते थे। उनके खातों की डिटेल लेकर उनके साथ फ्रॉड किया करते थे। जिस दौरान पुलिस ने छापेमारी की उस दौरान भी अधिकाश युवक-युवती अमेरिका बात कर रहे थे।

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