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शिंंदे को हटाने का अधिकार उद्धव के पास नहीं, विधायकों पर फैसला पढ़ते वक्त स्पीकर

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महाराष्ट्र में 16 विधायकों की अयोग्यता पर फैसला अब बस किसी भी वक्त आ सकता है. विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने फैसले को पढ़ना शुरू कर दिया है. उन्होंने कहा है कि दोनों गुट असली शिवसेना होने का दावा कर रहे हैं, लेकिन चुनाव आयोग ने शिंदे गुट की शिवसेना को असली माना है. खास बात ये है कि जिन 16 विधायकों की अयोग्यता पर फैसला आना है उनमें महाराष्ट्र के सीएम एक नाथ शिंंदे भी शामिल हैं. यह मामला मई 2022 से चल रहा है जबसे शिवसेना में दोफाड़ हुआ था. जिन 16 विधायकों को अयोग्य घोषित किए जाने की मांग की जा रही थी वह सभी शिंदे गुट के हैं. यह फैसला यदि शिंंदे गुट के समर्थन में आया तो 16 विधायकों पर लटकी अयोग्यता की तलवार हट जाएगी. यदि फैसला ठाकरे गुट के समर्थन में गया तो एक बार फिर पार्टी पर उद्धव ठाकरे का प्रभाव बढ़ जाएगा.

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शिंंदे गुट की शिवसेना असली

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फैसले को पढ़ते हुए विधानसभा स्पीकर राहुल नार्वेकर ने कहा कि चुनाव आयोग के रिकॉर्ड में शिंंदे गुट की शिवसेना को ही असली माना गया है. फैसले में इसका ध्यान रखा गया है. स्पीकर राहुल नार्वेकर ने कहा कि 2018 में शिवसेना के संविधान में जो संशोधन किया गया था वह असंवैधानिक था. यह संशोधन ECI के रिकॉर्ड में दर्ज नहीं है. चुनाव आयोग के पास एक ही संविधान संशोधन दर्ज है जो 1999 में हुआ था. इसलिए चुनाव आयोग में रखा गया संविधान ही मान्य होगा.

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मैं चुनाव आयोग के खिलाफ नहीं जा सकता: स्पीकर

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विधानसभा स्पीकर राहुल नार्वेकर ने कहा कि 2018 के बाद से संगठन चुनाव नहीं हुए. इसीलिए उसी को आधार माना जाएगा. चुनाव आयोग के पास जो रिकॉर्ड हैं उसी के आधार पर फैसला किया गया हैं, मैं चुनाव आयोग के खिलाफ नहीं जा सकता. मेरा अधिकार क्षेत्र सीमित है. स्पीकर राहुल नार्वेकर ने कहा कि 21 जून 2022 को जो हुआ उसे समझना होगा. शिवसेना का एक गुट अलग हुआ.

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ठाकरे गुट लगातार कर रहा था मांग

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महाराष्ट्र में शिवसेना जून 2022 में बंट गई थी. इसके बाद भाजपा के समर्थन में आई शिवसेना के 40 में से 16 विधायकों पर अयोग्यता की तलवार लटक गई थी. ठाकरे गुट व्हिप का पालन न करने के आरोप में इन विधायकों की सदस्यता रद्द करने की मांग कर रहा था. सुप्रीम कोर्ट में भी मामला पहुंचा, लेकिन बाद में सुप्रीम कोर्ट ने विधानसभा अध्यक्ष को ही इस मामले में फैसला लेने के लिए कहा. इसके लिए पहले 31 दिसंबर की तारीख तय की गई थी. बाद में विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने 10 जनवरी तक का वक्त मांगा था.

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ये हैं 16 विधायक

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महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने जिन विधायकों पर फैसला सुनाया है, उनमें महाराष्ट्र सीएम एकनाथ शिंदे, महेश शिंदे, अब्दुल सत्तार ,भरत गोगावाले, संजय शिरसाट, यामिनी जाधव, अनिल बाबर, तानाजी सावंत, लता सोनवणे, प्रकाश सर्वे, बालाजी किनीकार, संदीपन भुमरे, बालाजी कल्याणकार, रमेश बोनारे, चिमनराव पाटिल, संजय रायमुनकरी शामिल हैं.

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1200 पन्नों का है फैसला

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विधायकों की अयोग्यता पर जो फैसला तैयार किया गया है वह तकरीबन 1200 पन्नों का है. स्पीकर राहुल नार्वेकर कुछ ही देर में इस फैसले को पढ़ना शुरू कर देंगे. इससे पहले विधायकों की ओर से कई तरह के दावे किए जा रहे हैं. शिंंदे गुट के विधायक भरत गोगावले ने दावा किया कि फैसले में उद्धव गुट की हार होगी.

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फैसले से पहले ये बोले शिंंदे

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विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर की ओर से फैसला सुनाए जाने से पहले सीएम एक नाथ शिंंदे ने ऐलान किया कि बालासाहेब का आशीर्वाद हमारे साथ है, शिवसेना का चुनाव चिह्न धनुष बाण भी हमारे पास है. उन्होंंने कहा कि मैं पहले भी पार्टी का एक कार्यकर्ता था, आज भी एक कार्यकर्ता हूं, और कल भी रहूंगा. इससे पहले शिंदे गुट के सभी विधायकों से पार्टी दफ्तर पहुंचने के लिए कहा गया है.

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