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राजस्थान: टारगेट पूरा करने के लिए खोले फर्जी FD अकाउंट, हिस्ट्रीशीटर के साथ मिलकर ICICI बैंक मैनेजर ने किया 2.50 करोड़ रुपए का गबन

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राजस्थान पुलिस ने प्रतापगढ़ जिले  में एक निजी बैंक (ICICI) में लगभग 2.50 करोड़ रुपये के घोटाले का पर्दाफाश करते हुए बैंक के प्रबंधक सहित दो लोगों को गिरफ्तार किया है. प्रतापगढ़ के एसपी अमित कुमार ने बताया, ”धरियावद में आईसीआईसीआई बैंक में हुए लगभग 2.50 करोड़ रुपये के बैंक घोटाले का पर्दाफाश कर बैंक मैनेजर प्रशांत काबरा (32) व उदयपुर के हिस्ट्रीशीटर रहे आरोपी जालम चन्द जैन (72) को गिरफ्तार किया गया.”

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गबन की राशि से आरोपी ने खरीदा फार्म हाउस

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अधिकारी के अनुसार, गबन की राशि से आरोपी हिस्ट्रीशीटर ने उदयपुर-नाथद्वारा रोड पर एक ‘फार्म हाउस’ खरीदा. उन्होंने बताया कि मामला उस समय सामने आया जब बैंक के एक ग्राहक के खाते से चार फरवरी को 32 लाख रुपये निकाल लिये गये। अधिकारी के मुताबिक, बाद में जब बैंक के अन्य ग्राहकों के खातों की जांच की गई तो गबन की जानकारी हुई. अधिकारी ने बताया कि मामला सामने आने के बाद बैंक अधिकारियों ने छह फरवरी को बैंक के प्रबंधक प्रशांत काबरा के खिलाफ थाना धरियावद में मुकदमा दर्ज कराया.

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62 लाख रुपए होल्ड, 46 लाख रुपए जब्त

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उन्होंने बताया कि जांच में पाया गया कि विभिन्न खाता धारक जब बैंक में एफडी और केसीसी करवाते थे तो आरोपी उन खातों पर ‘ओवरड्राफ्ट लिमिट’ बनाकर राशि को अपनी पत्नी दीपिका काबरा व जालम चंद जैन, उसकी पत्नी मन्जुला जैन, पुत्र राकेश जैन व उसकी फर्म पूजा कंस्ट्रक्शन के खातों में जमा कर गबन किया करता था. अधिकारी ने बताया कि मामले की जांच के दौरान कुल 62 बैंक खातों को फ्रीज कर 62.71 लाख रुपये की राशि को होल्ड किया गया और आरोपी की निशानदेही से कुल 46 लाख रुपये जब्त किये गये. बताया गया कि ये पूरा खेल बैंक के टारगेट को पूरा करने के लिए किया गया. सभी ने मिलकर फर्जी FD अकाउंट खोले और पुराने ग्राहकों के खातों से रुपए इनमें ट्रांसफर किए. सबसे पहले 5 फरवरी को मामला सामने आया था, जिसके बाद अगले दिन यानी 6 फरवरी मंगलवार को ब्रांच मैनेजर प्रशांत काबरा (36) को हिरासत में लिया था. पूछताछ में सामने आया कि इसमें बैंक का स्टाफ और उदयपुर का व्याारी जालम चंद भी शामिल था.

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एसपी ने दी पूरी जानकारी, कैसे हुआ गबन

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एसपी अमित कुमार ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि एक ग्राहक के अकाउंट से 32 लाख रुपए गायब होने के बाद रीजनल हेड मनोज बेहरानी की ओर से मालमा दर्ज करवाया गया था. इस मामले में एसपी अमित कुमार ने जांच के लिए एसआईटी का गठन किया था. एसपी ने बताया कि बीती 6 फरवरी को बैंक के रीजनल हेड मनोज बेहरानी द्वारा प्रकरण दर्ज करवाया गया था कि धरियावद शाखा के ब्रांच मैनेजर प्रशांत काबरा द्वारा निवेशकों की एफडी और केसीसी पर फर्जी तरीके से ओवरड्राफ्ट बनाकर राशि निकाल ली गई है और खाता धारकों के मोबाइल नंबर भी बदल दिए गए. यह राशि 2 करोड रुपए से भी ज्यादा हो सकती है.

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मामले में जांच में एसआईटी का हुआ था गठन

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इस पर पुलिस ने जांच के लिए एसआईटी का गठन किया और मैनेजर प्रशांत काबरा को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने वारदात करना कबूल कर लिया. इस पर पुलिस ने काबरा को रिमांड पर लेकर पुछताछ शुरू की तो सामने आया कि कुछ समय पहले उसने बैंक द्वारा दिए गए टारगेट को पूरा करने के लिए उदयपुर निवासी जालमचंद जैन के एफडी अकाउंट पर ओवरड्राफ्ट बनाकर राशि निकाली थी जिसकी जानकारी जैन को लग गई .तभी से वह उसे ब्लैकमेल कर रहा था .इस पर पुलिस ने जालमचंद जैन को भी गिरफ्तार कर रिमांड पर ले रखा है.

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एफडी और केसीसी पर ओवर ड्राफ्ट बनाकर किया गबन

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पूछताछ में सामने आया कि खाता धारकों की एफडी और केसीसी पर ओवर ड्राफ्ट बनाकर बैंक मैनेजर अपनी पत्नी दीपिका काबरा, जालमचंद जैन, उसकी पत्नी मंजुला जैन, बेटे राकेश जैन और उसकी फर्म पूजा कंस्ट्रक्शन सहित अन्य के खातों में लाखों रुपए हस्तांतरित कर चुका है. जांच में यह भी सामने आया कि जालमचंद जैन ने गबन की इस राशि से उदयपुर नाथद्वारा रोड पर एक आलीशान फार्म हाउस खरीदा. जिस पर आज विनायक रिसोर्ट बना हुआ है. पुलिस अब इस गबन की राशि को वसूलने के लिए रिसोर्ट को अटैच करने की कानूनी प्रक्रिया भी कर रही है.

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एसपी ने बताया- टारगेट पूरा करने के लिए रची साजिश

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एसपी अमित कुमार ने बताया कि गबन की मुख्य वजह बैंकों द्वारा अपनी साख में बढ़ोतरी के लिए अधीनस्थ कर्मचारीयों और अधिकारियों को दिए जाने वाले टारगेट मुख्य वजह है. जांच के दौरान बैंकिंग सिस्टम की कई खामियां भी उजागर हुई है .पुलिस ने फिलहाल 62 बैंक खातों को फ्रिज करवा कर 62 लाख 71 हजार रुपए की राशि होल्ड करवाई है तथा जालमचंद और उसके सहयोगियों की निशानदेही पर 46 लाख रुपए नकद बरामद किए हैं.

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जालमचंद उदयपुर का हिस्ट्रीशीटर, 19 से ज्यादा मामलों का आरोपी

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जालमचंद जैन उदयपुर का कुख्यात हिस्ट्रीशीटर है जिस पर 19 से ज्यादा संगीन अपराधिक प्रकरण दर्ज थे. गौरतलब है कि मामले का सबसे पहले 4 फरवरी को उस समय खुलासा हुआ जब भूपेश रोत नाम के एक निवेशक के केसीसी खाते से 32 लाख रुपए की राशि ओवरड्राफ्ट करके उड़ाई गई और उसने बैंक के उच्च अधिकारियों से इस बात की शिकायत की. भूपेश के बाद कई अन्य निवेशक भी बैंक में शिकायत लेकर पहुंचने लगे थे. फिलहाल पुलिस रिमांड पर चल रहे बैंक मैनेजर प्रशांत काबरा और जालमचंद जैन से पूछताछ में जुटी हुई है.

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