राजस्थान विधानसभा का बजट सत्र अपने अंतिम पड़ाव पर है. लेकिन विधानसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव खूब हो रहा है. सोमवार (15 जुलाई) को राजस्थान विधानसभा में बजट पर चर्चा के दौरान उस समय जबरदस्त हंगामा हुआ, जब कांग्रेस विधायक गोविंद सिंह डोटासरा ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर पर निशाना साधा. वहीं शिक्षा मंत्री ने भी गोविंद सिंह डोटासरा को जेल भेजने की धमकी दे डाली. इस पर विपक्ष ने हंगामा कर दिया. सदस्य वेल के किनारे पर आ गए. हालांकि स्पीकर ने समझाइश से मामला शांत करवाया. लेकिन इसके बाद भी काफ़ी देर तक सदन में हंगामा चलता रहा.

राजस्थान में चार इंजन की सरकार
दरअसल, बजट पर चर्चा के दौरान गोविंद सिंह डोटासरा ने संबोधन में कहा कि वर्तमान सरकार ने बजट में आम आदमी के जीवन को राहत देने के लिए कोई उपाय नहीं किया है. यह डबल इंजन की नहीं चार इंजन की सरकार है. एक इंजन CM का एक इंजन पूर्व CM का एक इंजन ब्यूरोक्रेसी का और एक इंजन RSS का ये चारों इंजन मिलकर सरकार को चारों दिशाओं में खींच रहे हैं. जिससे सरकार के इंजन में धुआं निकलने लगा है.
डोटासरा ने महंगाई से लेकर पेट्रोल पर वैट का मुद्दा उठाया
गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा बजट में महंगाई को कम करने के लिए कोई उपाय नहीं किए गए. मोदी जी जब राजस्थान आए थे तो उन्होंने पेट्रोल-डीजल पर वैट कम करने की बात कही थी. इस संबंध में कोई निर्णय नहीं लिया गया है. नई शिक्षा नीति के नाम पर बेड़ा ग़र्क किया जा रहा है. युवाओं को रोज़गार नहीं मिलेगा. उन्होंने कहा, अगर सरकार 5 साल में चार लाख युवाओं को रोजगार दे देगी तो वह सार्वजनिक तौर पर सरकार के कामकाज की तारीफ़ करेंगे. इस पर संसदीय कार्यमंत्री जोगाराम पटेल ने कहा अब नौकरी देकर आपसे सरकार की तारीफ़ ही करवानी है.
मदन दिलावर ने सदन में ही दे डाली जेल भेजने की चेतावनी
गोविंद सिंह डोटासरा ने सरकार ने अपने संबोधन के सरकार के कामकाज को विफल बताते हुए कविता सुनाई. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता अपनी जान दे देंगे लेकिन अंग्रेज़ी मीडियम स्कूलों को बंद नहीं होने देंगे शिक्षा मंत्री ने राजस्थान में शिक्षा मंत्री ने शिक्षा विभाग को बर्बाद करके रख कर दिया है. इस पर शिक्षा मंत्री ने कहा आपके सारे कागज मेरे पास आ गए हैं. आप जेल जाने की तैयारी करो. इस पर टीकाराम जूली ने कहा कि क्या कोई मंत्री कानून से ऊपर है. सदन में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता को जेल भेजने की धमकी कैसे दी जा सकती है. सदन में इस बात को लेकर विपक्ष ने हंगामा किया. विपक्ष के नेता वेल में आने की तैयारी कर रहे थे.
इसी दौरान स्पीकर ने कहा कि सदन की मर्यादा और गरिमा रखनी होगी. यह कोई खेत नहीं है जब आप चाहेंगे वेल में आ जाएंगे जो वेल में आएगा उसे फिर बाहर भी जाना पड़ेगा. स्पीकर की समझाइश के बाद मामला शांत हुआ हालांकि विपक्ष ने कहा शिक्षा मंत्री ने जो टिप्पणी की है उसे कार्रवाई से हटायी जाए. स्पीकर ने कहा मैं पूरी प्रोसिडिंग्स सुनने के बाद जो असंसदीय भाषा होगी उसे हटा दिया जाएगा.
