जयपुर। रिपोर्ट टाइम्स।
जयपुर में शनिवार को बेरोजगारी और नशे के खिलाफ चल रहे यूथ कांग्रेस के प्रदर्शन ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया। यूथ कांग्रेस कार्यकर्ता सीएम आवास की ओर घेराव के लिए बढ़ रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए लाठीचार्ज किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी झड़प हुई।
इससे पहले, शहीद स्मारक पर हुए प्रदर्शन में पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट और प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने युवाओं का समर्थन किया। यूथ कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष अभिमन्यु पूनिया ने कहा, “राजस्थान और देश में युवाओं को नौकरी के नाम पर ठगा जा रहा है। नशे के खिलाफ और रोजगार की मांग को लेकर हमने यह आंदोलन शुरू किया है।”
इस घटनाक्रम ने न केवल प्रदेश की राजनीति को नई दिशा दी है, बल्कि राज्य सरकार पर भी सवाल खड़े किए हैं। यूथ कांग्रेस का अभियान “नौकरी दो-नशा नहीं” पूरे देश में युवा आंदोलन का रूप ले रहा है। जयपुर में हुए इस विरोध प्रदर्शन को पुलिस की सख्त कार्रवाई और लाठीचार्ज ने और उग्र बना दिया है।
सचिन पायलट ने युवाओं के अधिकारों की आवाज बुलंद की
सचिन पायलट ने यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा, “राजस्थान में भाजपा सरकार का एक साल पूरा हो गया है। भजनलाल सरकार ने हाल ही में अपनी पहली वर्षगांठ मनाई, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी जयपुर आए। लेकिन, 12 महीने के इस कार्यकाल में युवाओं को रोजगार देने का कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। चुनाव से पहले किए गए वादों को भुला दिया गया है। लाखों शिक्षित बेरोजगार दर-दर भटक रहे हैं, और उनकी आवाज उठाने का काम अब यूथ कांग्रेस कर रही है।”
पायलट-डोटसरा के भाषण के बाद बिगड़े हालात
सचिन पायलट और गोविंद सिंह डोटासरा का भाषण खत्म होते ही कार्यकर्ताओं ने सीएम आवास की ओर बढ़ने का प्रयास किया। लेकिन पुलिस ने शहीद स्मारक पर ही लाठीचार्ज कर उन्हें रोक दिया। प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए वाटर कैनन का भी इस्तेमाल किया गया।
हिरासत में कार्यकर्ता
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे यूथ कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष अभिमन्यु पूनिया को फिलहाल हिरासत में नहीं लिया गया है। हालांकि, दर्जनों कार्यकर्ताओं को पुलिस ने गाड़ियों में भरकर थाने भेज दिया। इस घटना के बाद राजधानी जयपुर का माहौल गरमा गया है, और यूथ कांग्रेस ने सरकार पर युवाओं के भविष्य की अनदेखी का आरोप लगाया है।
