जयपुर। रिपोर्ट टाइम्स।
राजस्थान में धर्मांतरण विधेयक को लेकर नई जानकारी सामने आई है। भजनलाल सरकार ने बजट सत्र में धर्मांतरण बिल पेश किया है, जिसके पारित होने को लेकर उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी ने संकेत दिए हैं। डिप्टी सीएम दीया कुमारी आज भीलवाड़ा दौरे पर आईं, यहां उन्होंने कहा कि यह विधेयक जरुरी था। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि इस विधेयक की कब तक पारित होने की संभावना है।
मार्च में पारित होगा धर्मांतरण विधेयक!
राजस्थान विधानसभा का बजट सत्र चल रहा है। इस बजट सत्र में भजनलाल सरकार ने हाल ही धर्मांतरण विरोधी बिल पेश किया था। अब जल्द ही इस बिल के पारित होने के संकेत मिले हैं। राजस्थान की उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी ने आज भीलवाड़ा इस बारे में संकेत दिए। उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी ने कहा कि यह बिल बेहद जरुरी था। इस बिल के मार्च में बजट सत्र के आखिरी सप्ताह में पारित होने की संभावना है। उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी ने भीलवाड़ा दौरे के दौरान कहा कि जनता ने भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी पर भरोसा जताया है। भाजपा जो कहती है, वो करती है, जनता की सभी उम्मीद पूरी होंगी।
धर्मांतरण विधेयक सदन में कब हुआ पेश?
राजस्थान की भजनलाल सरकार धर्मांतरण बिल को बजट सत्र में सदन के सामने पेश कर चुकी है। बजट सत्र के दौरान सोमवार को मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने इस बिल को सदन में रखा। इस बिल में जबरन धर्मांतरण के खिलाफ सख्त प्रावधान रखे गए हैं। इस विधेयक के प्रावधानों के मुताबिक अगर कोई व्यक्ति जबरदस्ती किसी दूसरे धर्म में धर्मांतरण करवाता है, तो उसके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जा सकेगा।
धर्मांतरण विधेयक में क्या प्रावधान?
राजस्थान में जबरन धर्मांतरण रोकने के लिए इस धर्मांतरण विरोधी विधेयक में कई सख्त प्रावधान हैं। अगर कोई जबरन, प्रलोभन या शादी के बहाने धर्म परिवर्तन करवाता है, तो यह गैर जमानती अपराध माना जाएगा। इसमें दोषी पाए जाने पर 10 साल तक कैद के साथ 50 हजार रुपए के जुर्माने तक का प्रावधान है। इस विधेयक में अलग-अलग प्रावधानों के मुताबिक जबरन धर्मांतरण पर काफी कड़ी सजा का प्रावधान किया गया है।
