राजस्थान में विभिन्न विभागों में भर्ती परीक्षाओं में अनुपस्थित रहने वाले अभ्यर्थियों पर RSMSSB बोर्ड की सख्ती का असर दिखने लगा है. जिसके चलते आज ( सोमवार) प्रदेश में सीएचओ सीधी भर्ती परीक्षा में 90 फीसदी से ज्यादा अभ्यर्थी उपस्थित रहे. नए नियमों के तहत किए गए बदलाव का असर इस परीक्षा में साफ तौर पर देखने को मिला.

उदयपुर में पेपर देने सबसे ज्यादा पहुंचे थे अभ्यर्थी
सीएचओ भर्ती परीक्षा के लिए 81 हजार 412 अभ्यर्थियों ने फॉर्म भरा था, जिसके चलते आज (सोमवार) 73 हजार 698 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए. 7 शहरों में बनाए गए परीक्षा केंद्रों में सबसे ज्यादा अभ्यर्थी उदयपुर में थे.
हाल के दिनों में बोर्ड के जरिए आयोजित किसी भी परीक्षा में यह सबसे अधिक उपस्थिति है. इससे पहले 12 अप्रैल को आयोजित जेल प्रहरी भर्ती परीक्षा में 74 फीसदी अभ्यर्थी, 18 मई को आयोजित जूनियर तकनीकी सहायक भर्ती परीक्षा में 62.77 फीसदी अभ्यर्थी उपस्थित हुए थे.
बोर्ड की सख्ती के बाद बढ़ी उपस्थिति

पिछले कुछ सालों में राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से आयोजित परीक्षाओं में अभ्यर्थियों की उपस्थिति काफी कम देखी गई थी. इसके बाद बोर्ड ने सख्त कदम उठाया. नए नियमों के तहत अगर कोई अभ्यर्थी एक साल में लगातार दो भर्ती परीक्षाओं में अनुपस्थित रहता है तो उसे 750 रुपए का जुर्माना देना होगा. साथ ही वन टाइम रजिस्ट्रेशन की सुविधा भी ब्लॉक कर दी जाएगी.
नए वित्तीय वर्ष में इस नियम के लागू होने के बाद विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ी है. पिछले साल कई बोर्ड परीक्षाएं ऐसी भी हुई थीं, जिनमें आधे अभ्यर्थी भी परीक्षा देने नहीं पहुंचे थे. इससे बोर्ड को काफी नुकसान हो रहा था.
2023 के मुकाबले 2024 में घट गई थी उपस्थिति

राजस्थान विधानसभा में डीडवाना से निर्दलीय विधायक यूनुस खान के एक सवाल के जवाब में सरकार ने बताया था की 2023 के मुकाबले 2024 की परीक्षा में उपस्थिति कम हुई। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा 2023 में आयोजित सभी परीक्षाओं में 78.33 अभ्यर्थी उपस्थित हुए थे लेकिन 2024 में यह घटकर 73.24 पर पहुंच गया.
