
REPORT TIMES: चिड़ावा। शहर में विवेकानंद चौक के पास साहित्यकार डॉ. ओमप्रकाश पचरंगिया मार्ग स्थित डालमियों के नोहरे में श्री रामलीला परिषद की ओर से आयोजित श्री रामलीला में दूसरे दिन रावण जन्म, राम जन्म, मारीच-सुबाहु व ताड़का वध का मंचन किया गया। रामलीला मंचन देखने के लिए दर्शकों की भीड़ उमड़ पड़ी। रामलीला में रावण, कुंभकर्ण और विभीषण का जन्म हुआ। जिसके बाद तीनों को ब्रह्मा जी ने वरदान दिया। वहीं राजा दशरथ के घर पर प्रथम संतान के रूप में भगवान राम ने जन्म लिया। पुत्र रत्न की खुशी में राजा दशरथ ने विशाल हवन-यज्ञ का आयोजन कर ऋषियों को आमंत्रित किया। राजा दशरथ के यहां भरत, लक्ष्मण एवं शत्रुघ्न का जन्म हुआ।

इसके बाद विश्वामित्र ने ताड़का राक्षसी एवं सुबाहु का वध कर राजा दशरथ के घर पहुंचे और राम व लक्ष्मण को लेकर जनकपुरी चले गए। इस दौरान राम-लक्ष्मण का रास्ते में अनेक राक्षसों से सामना हुआ और राम-लक्ष्मण ने कई राक्षसों का वध किया। रामलीला में राजा दशरथ बने महेश शर्मा धन्ना, राम बने पंकज वर्मा, लक्ष्मण बने कृष्णा सेन, कौशल्या बने रवि भारतीय, विष्णु बने राजेश शर्मा, रावण बने संतोष अरड़ावतिया, कुंभकर्ण बने सांवरमल गहलोत, विभीषण बने भूपेंद्र दायमा, इंद्र और वशिष्ठ बने चंद्रमौली, ब्रह्मा और विश्वामित्र बने महेंद्र भारतीय, सुबाहु, मारीच बने अविनाश सेन, सुभाष धाबाई, बाल राम बने पिनांक शर्मा, बाल भरत बने कुणाल चौरासिया, बाल लक्ष्मण बने विराट पाटिल और बाल शत्रुघ्न बने अनुज वर्मा ने भावपूर्ण अभिनय कर मनमोह लिया।

