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बायोमैट्रिक अटेंडेंस…क्लास में ब्रेक, बच्चों के सुसाइड रोकने के लिए उठाए गए ये कदम

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राजस्थान के कोटा शहर में तीन स्टूडेंट्स के सुसाइड का मामला सामने आया. इसने एक बार फिर जेईई एग्जाम की कोचिंग के लिए मशहूर शहर कोटा में स्टूडेंट्स द्वारा झेले जाने वाले प्रेशर को उजागर कर दिया है. यही वजह है कि अब कोचिंग सेंटर्स और सरकार के ऊपर ये जिम्मेदारी बढ़ गई है, वे और स्टूडेंट्स को इस तरह के रास्ते पर चलने से रोकें. वहीं, KOTA में सुसाइड मामले को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने राजस्थान सरकार, केंद्रीय उच्च शिक्षा सचिव और राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के अध्यक्ष को नोटिस भी भेजा है.

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कोटा के डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर ओपी बुनकर ने बताया, ‘इस साल 13 छात्रों ने सुसाइड किया है. महामारी से पहले के समय में 2019 में 18 और 2018 में 20 स्टूडेंट्स ने अपनी जान ली थी.’ उन्होंने कहा कि कोविड की वजह से पिछले दो सालों से सुसाइड के मामले सामने नहीं आ रहे थे. डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर ने कहा, ‘स्टूडेंट्स एक बार फिर लौट आए हैं, तो हम फिर से इस तरह के मामले देख रहे हैं. छात्र आमतौर पर तनाव में रहते हैं और परीक्षाओं के आने के कारण दिसंबर-जनवरी में इस तरह कदम उठा लेते हैं.’

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सुसाइड से ऐसे निपटा जा रहा

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  • कोविड महामारी की वजह से पिछले दो सालों से बच्चे घर पर हैं. इस वजह स्टूडेंट्स में मानसिक और शारीरिक ऊर्जा के बीच असंतुलन देखा जा रहा है. स्टूडेंट्स को एक से डेढ़ घंटे तक पढ़ाई करने के बाद उन्हें ब्रेक लेने को कहा जा रहा है.
  • स्टूडेंट्स की मानसिक स्थिति सुधारने के लिए उन्हें साइकोलॉजी लेक्चर्स दिए जा रहे हैं. इसमें उन्हें वैज्ञानिक तरीके से बताया जा रहा है कि आखिर दिमाग किस तरह से काम करता है. इस तरह उन्हें सही तरीके से दबाव झेलने में मदद मिल रही है.
  • अगर किसी स्टूडेंट को किसी तरह की कोई समस्या है, तो उसे सुलझाने के लिए काउंसलर्स की व्यवस्था की गई है. स्टूडेंट्स इनके पास जाकर अपनी समस्या बता सकते हैं, जो उन्हें समाधान मुहैया कराएंगे.
  • सरकार की तरफ से इंस्टीट्यूट्स को अटेंडेंस के लिए बायोमैट्रिक सिस्टम लगाने को कहा गया है. इससे ये पता चल सकेगा कि बच्चे कितनी क्लास ले रहे हैं या क्लास से गायब तो नहीं हो रहे हैं. अगर ऐसा होता है, तो उनकी परेशानी जाकर उसे सुलझाया जाएगा.

दरअसल, इस बात की जानकारी सामने आई है कि सुसाइड करने वाला एक स्टूडेंट एक महीने से क्लास में नहीं आ रहा था. एक अन्य स्टूडेंट उसके कार्ड से अटेंडेंस लगा रहा था. ऐसे ही एक और सुसाइड करने वाला स्टूडेंट भी क्लास में कभी आता था, तो कभी नहीं. जब परिवार को इसकी जानकारी दी गई, तो उन्होंने भी ठीक ढंग से इस पर रिप्लाई नहीं किया.

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मानवाधिकार आयोग का नोटिस

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राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने कोटा में तीन स्टूडेंट्स द्वारा कथित रूप से आत्महत्या किए जाने के मामले में राजस्थान सरकार, केंद्रीय उच्च शिक्षा सचिव और राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के अध्यक्ष को नोटिस भेजा है. मानवाधिकार आयोग ने एक बयान में कहा कि उसने मीडिया में आयी खबरों पर स्वत: संज्ञान लिया है और महसूस किया है कि प्राइवेट कोचिंग संस्थानों के नियमन की आवश्यकता है.

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कोटा में रह कर विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं की तैयारियां कर रहे तीन छात्रों द्वारा 12 घंटे के भीतर कथित रूप से आत्महत्या किए जाने के कुछ ही दिनों बाद आयोग ने नोटिस जारी किए हैं.

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