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कोटा में पिछले साल भी हुई थी 15 स्टूडेंट्स की मौत, आखिरी कैसे और कब रुकेगा छात्रों की आत्महत्या का सिलसिला

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कोटा में इस वर्ष अब तक कुछ 23 छात्रों की मौत सुसाइड करने से हुई है. यह घटना सिर्फ इस बार की नहीं है. पिछले साल भी कोटा में 17 छात्रों की मौता आत्महत्या करने से हुई थी. 2022 के पहले भी यह होता रहा रहा. 27 अगस्त को टेस्ट में कम नंबर आने पर नीट की तैयारी कर रहे दो छात्रों ने आत्महत्या कर ली. आखिरी कैसे और कब कोटा में रुकेगा छात्रों की आत्महत्या का सिलसिला.देश भर से कोटा में हर वर्ष करीब दो लाख छात्र नीट और जेईई की तैयारी करने के लिए आते हैं. यहां करीब 4000 हाॅस्टल, 40 हजार पीजी है, जहां कोटा कोचिंग में पढ़ने वाले छात्र रहते हैं. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार इस साल अगस्त 2023 तक कोटा में कुल 23 छात्रों की मौता सुसाइड करने से हुई है, जो पिछले 8 वर्षों में सबसे अधिक है. हालांकि राजस्थान पुलिस ने एक 11 सदस्यीय सेल की स्थापना की है, जो रोजाना कोटा में पढ़ाई करने वाले छात्रों से बातचीत करती है.

पंखों पर लगानी होगी स्प्रिंग डिवाइस

जैसे ही कोटा में आत्महत्याओं की संख्या बढ़ी, 16 अगस्त को कोटा जिला प्रशासन ने हॉस्टल और पीजी के लिए छत के पंखों पर स्प्रिंग डिवाइस लगाना अनिवार्य कर दिया. इसे एक बैंड-सहायक के उपाय के तौर पर लगाना अनिवार्य किया गया है. वहीं 16 अगस्त का आदेश जारी होने से एक दिन पहले, बिहार के गया निवासी 18 वर्षीय जेईई अभ्यर्थी की आत्महत्या से मृत्यु हो गई. 2022 से कोटा में रहने वाली छात्रा आखिरी बार दिवाली पर घर आई थी. स्थानीय पुलिस और प्रशासन के अनुसार कोटा की समस्याएं आम तौर पर किसी भी विश्वविद्यालय शहर या कॉलेज परिसर में सामना की जाने वाली समस्याओं से कहीं अधिक हैं.

कब कितनी हुई मौत?

  • 2015 – 17
  • 2016 – 16
  • 2017 – 7
  • 2018 – 8
  • 2020 – 4
  • 2012 – 0
  • 2022 – 15
  • 2023 – 23

फेस रीडर बायोमेट्रिक अटेंडेंस होना चाहिए अनिवार्य

कोटा शहर के एसपी शरद चौधरी ने कहा छात्रों के सामने आने वाली समस्याओं को बेहतर ढंग से पहचानने के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग करने की दिशा में काम करेंगे. उन्होंने कहा कि कोचिंग कक्षाओं में शत प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए फेस रीडर बायोमेट्रिक अटेंडेंस जैसे सुविधाओं के साथ एक ऑनलाइन प्रणाली होनी चाहिए.

बायोमेट्रिक उपस्थिति काम नहीं करेगी क्योंकि एक छात्र दूसरे छात्र का कार्ड स्वाइप कर सकता है. आमतौर पर, किसी छात्र के उदास होने या आत्महत्या करने का पहला संकेत तब होता है, जब वे कक्षाएं छोड़ने लगते हैं. हमें प्रौद्योगिकी का अधिक प्रभावी ढंग से उपयोग करके इस दिशा में काम करना होगा.

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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को छत्तीसगढ़ में नक्सलियों को चेतावनी दी कि वे आत्मसमर्पण कर दें नहीं तो लड़ाई का परिणाम तय है और दो वर्ष में नक्सलवाद को समाप्त कर दिया जाएगा. शाह नक्सल प्रभावित कांकेर जिले में चुनावी सभा को संबोधित कर रहे थे. सुरक्षाबलों ने 16 अप्रैल को कांकेर जिले में एक मुठभेड़ के दौरान 29 नक्सलियों को मार गिराया था, जिसमें 15 महिलाएं भी शामिल थीं. शाह ने सभा को संबोधित करते हुए कहा, पिछले 10 वर्षों के दौरान नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद को समाप्त किया। मोदी जी ने इस देश से नक्सलवाद को समाप्ति के कगार पर ला दिया. उन्होंने कहा, पांच वर्ष तक मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार में नक्सलियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई. विष्णु देव साय के मुख्यमंत्री और विजय शर्मा के गृह मंत्री बननेके बाद पिछले चार माह में सुरक्षाबलों ने 90 से ज्यादा नक्सलवादियों को मार गिराया. इसके साथ ही 123 नकस्लियों को गिरफ्तार किया गया और 250 ने आत्मसमर्पण कर दिया. देश भर से नक्सलवाद को समाप्त किया अमित शाह ने कहा, मोदी जी ने देश भर से नक्सलवाद को समाप्त किया चाहे वह आंध्रप्रदेश हो, तेलंगाना हो, बिहार बिहार हो, झारखंड हो या मध्य प्रदेश हो. मैं कहकर जाता हूं कि मोदी जी को फिर से प्रधानमंत्री बना दीजिए और दो साल दे दीजिए. छत्तीसगढ़ से हम नक्सलवाद को उखाड़ फेंकेंगे. गृह मंत्री ने कहा, जब तक नक्सलवाद है तब तक आदिवासी भाई बहनों के लिए बिजली, स्कूल, राशन की दुकान देने में परेशानी हो रही है. जो भी नक्सली बचे हैं उनको कहता हूं कि सरेंडर हो जाओ, आपको फिर से प्रतिस्थापित करेंगे नहीं तो लड़ाई का परिणाम तय है. नक्सलवाद को हम समाप्त कर देंगे. नक्सलियों को आत्मसमर्पण करने के लिए समझाएं शाह ने सभा में मौजूद जनता से अनुरोध किया कि वे नक्सलियों को आत्मसमर्पण करने के लिए समझाएं. उन्होंने कहा, मैं आदिवासी भाइयों और बहनों से कह रहा हूं कि जब तक नक्सलवाद है आदिवासी क्षेत्र में शांति नहीं हो सकती, रोड नहीं बन सकता, बिजली नहीं पहुंच सकती, गैस कनेक्शन नहीं आ सकता, शिक्षा नहीं पहुंच सकती, नौकरी नहीं पहुंच सकती और इलाज नहीं पहुंच सकता है. शाह ने कहा कि आप सभी लोग उनको समझाइए सरेंडर कर जाएं, ना करें तो आप चिंता मत करना, हम दो ही साल में छत्तीसगढ़ की भूमि से नक्सलवाद को उखाड़ कर फेंक देंगे और यहां विकास की गंगा प्रवाहित करेंगे. Read Also : अमित शाह ने कटिहार से भरी हुंकार, कांग्रेस और राजद पर बोला हमला, जानिए लालू-तेजस्वी के लिए क्या कहा.. उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी ने 2037 में विकसित भारत की कल्पना रखी है. विकसित भारत का सबसे बड़ा फायदा आदिवासी, दलित, किसान, युवा, गरीब और महिलाओं को होने वाला है। विकसित भारत की कल्पना आप सभी के कल्याण के लिए है. शाह ने कहा कि कांग्रेस कहती है कि देश के संसाधनों पर पहला अधिकार अल्पसंख्यकों का है लेकिन हम (भाजपा) कहते हैं कि देश के संसाधनों पर पहला अधिकार गरीबों, आदिवासियों, दलितों और पिछड़ों का है.

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