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क्या है APEC समूह, जिसके शिखर सम्मेलन में अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन से मिलेंगे शी जिनपिंंग

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संयुक्त राज्य अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में एशिया प्रशांत आर्थिक सहयोग (APEC) समूह की बैठक चल रही है, 11 नवंबर को शुरू हुई इस समूह की बैठक 17 नवंबर को इकोनॉमिक लीडर्स रिट्रीट के साथ समाप्त होगी, इसी बीच कल यानी 15 नवंबर को APEC शिखर सम्मेलन में भाग लेने पहुंचे चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन के साथ द्विपक्षीय बातचीत भी करेंगे, दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए यह मुलाकात बेहद अहम मानी जा रही है, खास बात ये है कि एक साल बाद दोनों देशों के नेता एक मंच पर नजर जाएंगे. अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के अलावा सैन फ्रांसिस्को में अन्य नेताओं का जमावड़ा भी लगेगा, इनमें जापान के प्रधान मंत्री फुमियो किशिदा, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो, कनांडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो और रूस से डिप्टी सीएम एलेक्सी ओवरचुक आएंगे.

क्या है APEC

APEC एक क्षेत्रीय आर्थिक मंच है, इसकी स्थापना 1989 में हुई थी, इस समूह का उद्देश्य एशिया-प्रशांत की बढ़ती निर्भरता का लाभ उठाना और क्षेत्रीय आर्थिक एकीकरण के माध्यम से क्षेत्र को समृद्ध बनाना है. इसके 21 सदस्य हैं, जिन्हें अर्थव्यवस्था कहा जाता है. इसमें ऑस्ट्रेलिया, ब्रुनेई, न्यूजीलैंड, पापुआ न्यू गिनी, फिलीपींस, इंडोनेशिया, मलेशिया, वियतनाम, सिंगापुर, थाईलैंड, जापान, दक्षिण कोरिया, रूस, कनाडा, संयुक्त राज्य अमेरिका, मैक्सिको, पेरू और चिली हैं. खास बात ये है कि इस समूह में ताइवान और हांगकांग भी शामिल हैं जो चीन से अलग आजाद तौर पर इसके शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेते हैं. इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत समूह का सदस्य नहीं है, लेकिन भारत के केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे.

भारत भी बनना चाहता है सदस्य

भारत भी समय-समय पर APEC में शामिल होने का अनुरोध करता रहा है, लेकिन सदस्यता विस्तार पर अनौपचारिक रोक होने के चलते ऐसा हो नहीं सका. एक रिपोर्ट के मुताबिक सबसे पहले भारत ने 1991 में APEC में शामिल होने की रुचि व्यक्त की थी, ये वो दौर था जब सरकार ने उदारीकरण और वैश्वीकरण के लिए आर्थिक सुधार शुरू किए थे. 2015 में यूएस भारत संयुक्त रणनीतिक विजन में अमेरिका ने भारत की इस रुचि का स्वागत किया था. अमेरिका की ओर से कहा गया था कि एशिया प्रशांत आर्थिक सहयोग समूह में भारत का आना एक अच्छा संकेत होगा, क्योंकि भारतीय अर्थव्यवस्था गतिशील है.

इस वर्ष APEC शिखर सम्मेलन में खास क्या है?

APEC शिखर सम्मेलन में इस बार सबसे खास अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात है. बेशक इस मुलाकात से दोनों देशों के बीच रिश्तों में कोई खास सुधार न हो, लेकिन ये दोनों देशों के बीच लगातार बढ़ रहे तनाव को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगी. दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्षकों के बीच ये मुलाकात एक साल बाद होगी, जिसकी तैयारियां पिछले काफी समय से चल रही थीं, इसकी तैयारियों को परखने के लिए ही इस वर्ष चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने अमेरिका का दौरा किया था. संबंधों में नरमी लाने के लिए अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन चीन के दौरे पर गए थे.

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