Report Times
latestOtherजयपुरटॉप न्यूज़ताजा खबरेंदेशराजनीतिराजस्थानस्पेशल

क्या बीजेपी पिछला प्रदर्शन दोहरा पाएगी? राजस्थान में ‘डबल इंजन’ की सरकार के सामने ये होंगी चुनौतियां

 REPORT TIMES 

Advertisement

19 अप्रैल से 7 चरणों में पूरे देश में वोटिंग होगी. इस चुनाव में भाजपा के सामने खुद का पिछला प्रदर्शन दोहराने की चुनौती होगी. दूसरी ओर कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दल अपनी पिछली हार को भूलाकर पूरे दमखम से मोदी के विजय रथ को रोकने की जुगत में लगे हैं. बात राजस्थान की करें तो यहां लोकसभा चुनाव की रणभेरी बजने के साथ ही चुनावी सरगर्मियां जोर पकड़ चुकी है. जहां सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) के लिए एक बार फिर राज्य की सभी 25 लोकसभा सीट जीतने की चुनौती होगी. भाजपा को पिछला प्रदर्शन दोहराने के लिए बागी नेताओं के साथ-साथ क्षेत्रीय पार्टी भारत आदिवासी पार्टी (BAP) और हनुमान बेनीवाल की राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) की चुनौती से पार पाना होगा.

Advertisement

उल्लेखनीय है कि निर्वाचन आयोग ने शनिवार को लोकसभा चुनाव 2024 के तारीखों की घोषणा कर दी. इस बार चुनाव 19 अप्रैल से एक जून के बीच सात चरणों में होंगे और मतगणना चार जून को होगी. राजस्थान में दो चरणों में चुनाव होगा. पहले चरण में 19 अप्रैल को एवं दूसरे चरण में 26 अप्रैल को मतदान होगा. राजस्थान में लोकसभा चुनाव में मुख्य मुकाबला एक बार फिर भाजपा एवं कांग्रेस के बीच होगा. इस बार भाजपा सत्ता में है और उसके नेताओं को पूरा भरोसा है कि वह एक बार फिर राज्य की सभी 25 लोकसभा सीट जीतने की ‘हैट्रिक’ लगाएगी.

Advertisement

Advertisement

पिछली दो चुनावों में भाजपा ने किया है क्लीन स्विप

Advertisement

राजस्थान की सभी 25 सीटों को जीतने के पीछे भाजपा ‘डबल इंजन’ सरकार के विकास कार्य को वजह बता रहे हैं. भाजपा ने 2014 के लोकसभा चुनाव में सभी सीट जीती थीं. वहीं 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा/राजग ने फिर सभी सीट जीतीं. 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने नागौर की सीट राजग के भागीदार राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के लिए छोड़ी थी जहां से हनुमान बेनीवाल जीते. हालांकि यह पार्टी बाद में राजग से अलग हो गई और इस बार भाजपा सभी सीट पर अपने ही उम्मीदवार उतारने जा रही है. भाजपा के नेता मानते हैं कि राज्य में पार्टी की सरकार को देखते हुए लोग ‘डबल इंजन’ सरकार के लिए उसे वोट देंगे. इसके अलावा उनको भरोसा है कि हिंदुत्व और राम मंदिर के लिए जनभावनाओं तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का कारक भी मतदाताओं को भाजपा की ओर लुभाएगा. दिसंबर 2023 में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 200 में से 115 सीट जीतकर सरकार बनाई जबकि कांग्रेस 69 सीट पर सिमट गई.

Advertisement

करणपुर में जीत के बाद कांग्रेस उत्साहित

Advertisement

विधानसभा चुनाव हारने के बाद राज्य की सत्ता से बाहर हुई कांग्रेस के लिए आगामी लोकसभा चुनाव में भाजपा को टक्कर देना अपने आप में बड़ी चुनौती है. हालांकि करणपुर विधानसभा सीट पर बाद में हुए चुनाव में भाजपा उम्मीदवार को करारी हार देकर उसने भविष्य के लिए अपनी उम्मीदें जरूर मजबूत की हैं. इस बीच, कांग्रेस एवं भाजपा दोनों ही पार्टियों ने लोकसभा चुनाव में दमखम ठोंकने के लिए एक दूसरे के नेताओं को अपने में शामिल करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है.

Advertisement

कांग्रेस के कई नेता भाजपा में हुए शामिल

Advertisement

इसकी शुरुआत पूर्व मंत्री और चार बार के विधायक महेंद्रजीत सिंह मालवीया के 19 फरवरी को भाजपा में शामिल होने से हुई। भाजपा ने बाद में उन्हें बांसवाड़ा से टिकट दे दिया. हाल ही में पूर्व सांसद करण सिंह यादव, गत कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे राजेंद्र यादव और लाल चंद कटारिया, पूर्व विधायक रिछपाल मिर्धा, विजयपाल मिर्धा, खिलाड़ी लाल बैरवा एवं आलोक बेनीवाल भाजपा में शामिल हुए हैं.

Advertisement

डबल इंजन की सरकार के सामने ये होंगी चुनौतियां

Advertisement

उधर, चुरू सीट से टिकट कटने से नाराज सांसद राहुल कस्वां कांग्रेस में शामिल हो गए. कांग्रेस ने उन्हें उसी सीट से अपना उम्मीदवार भी घोषित कर दिया. हाल में कई और नेताओं ने भी कांग्रेस का दामन थामा है. राजनीतिक जानकार दोनों पार्टियों की इस कवायद को लोकसभा चुनाव से पहले विभिन्न समाजों एवं इलाकों के मतदाताओं पर अपनी पकड़ मजबूत बनाने की कवायद के रूप में देखते हैं. हालांकि यह कितनी कारगर रहती है यह तो लोकसभा चुनाव के परिणाम से ही पता चलेगा. इसके अलावा भाजपा के बागी नेता चंद्रभान सिंह आक्या, रविंद्र भाटी के भी चुनाव लड़ने की चर्चाएं चल रही है. हनुमान बेनीवाल भी इस बार भाजपा के साथ नहीं है. ऐसे में देखना है कि इन चुनौतियों से भाजपा कैसे पार पाती है.

Advertisement

कांग्रेस ने 10 तो भाजपा ने 15 सीटों पर उतारे उम्मीदवार

Advertisement

कांग्रेस ने अब तक आगामी लोकसभा चुनाव के लिए राजस्थान की 25 में से दस सीट के लिए उम्मीदवारों की घोषणा की है जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत तथा भारतीय जनता पार्टी से कांग्रेस में शामिल हुए राहुल कस्वां के नाम शामिल हैं. पार्टी की इस सूची में तीन मौजूदा विधायकों को भी उम्मीदवार बनाया गया है. भाजपा ने 15 सीट पर अपने उम्मीदवारों की घोषणा की है जिनमें लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के साथ चार केंद्रीय मंत्रियों के नाम शामिल हैं. पार्टी ने पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के बेटे एवं सांसद दुष्यंत सिंह को एक बार फिर झालावाड़-बारां सीट से अपना उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस से भाजपा में आए महेंद्रजीत मालवीया और ज्योति मिर्धा को भी लोकसभा का टिकट दिया गया है.

Advertisement
Advertisement

Related posts

जयपुर में रोडवेज मुख्यालय के पास अपनी मांगों को लेकर रोडवेज के रिटायर्ड और ऑन वर्किंग कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया।

Report Times

हैलीकॉप्टर से भी नहीं बुझ पा रही सरिस्का की आग, जंगल में 20 किलोमीटर तक फैली, अन्य जिलों से स्टाफ बुलाया

Report Times

पुष्कर में ACB की कार्रवाई

Report Times

Leave a Comment