Report Times
latestOtherउदयपुरकार्रवाईटॉप न्यूज़ताजा खबरेंदेशराजस्थानसोशल-वायरलस्पेशल

‘उदयपुर फाइल्स’ की सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार, हाईकोर्ट ने रिलीज पर लगाई थी रोक

REPORT TIMES : सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को फिल्म ‘उदयपुर फाइल्स’ की रिलीज पर रोक के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले पर सुनवाई के लिए तैयार हो गया है. फिल्म निर्माता ने सर्वोच्च अदालत से मांग की है कि हाई कोर्ट के रिलीज पर रोक के आदेश को रद्द किया जाए. इस पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट ने सहमति जताई.

फिल्म के रिलीज पर लगाई थी रोक 

फिल्म निर्माता ने दिल्ली हाई कोर्ट के उस फैसले को चुनौती देते हुए एक याचिका दायर की, जिसमें ‘उदयपुर फाइल्स’ की रिलीज पर रोक लगा दी गई थी. फिल्म निर्माता की ओर से पेश हुए वकील ने याचिका पर सुनवाई की मांग की. सुप्रीम कोर्ट ने ‘उदयपुर फाइल्स: कन्हैया लाल टेलर मर्डर’ फिल्म की रिलीज पर रोक के खिलाफ याचिका सुनने पर सहमति जताई.

रिलीज पर रोक के आदेश को रद्द करने की मांग 

निर्माता अमित जानी के वकील पुलकित अग्रवाल ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “हमने मांग की है कि हाई कोर्ट के रिलीज पर रोक के आदेश को रद्द किया जाए. हमने सुप्रीम कोर्ट से फिल्म रिलीज की अनुमति देने की अपील की है. वरिष्ठ वकील गौरव भाटिया ने निर्माता की ओर से मामला उठाया. कोर्ट ने मौखिक रूप से कहा कि यह मामला 2-3 दिनों में सूचीबद्ध होगा. ”

उन्होंने आगे कहा, “हमारी याचिका में कहा गया है कि फिल्म पर लगे प्रतिबंध को हटाया जाए और उसे रिलीज होने दिया जाए. हम हाई कोर्ट के ऑर्डर का सम्मान करते हैं, लेकिन हमने कोर्ट के फैसले को आर्टिकल 136 के तहत चुनौती दी है. ”

कन्हैया लाल हत्याकांड पर आधारित है फिल्म 

‘उदयपुर फाइल्स’ फिल्म राजस्थान के उदयपुर शहर में हुए कन्हैया लाल हत्याकांड पर आधारित है. कन्हैया लाल उदयपुर में कपड़ों की सिलाई (दर्जी) का काम करते थे. 28 जून 2022 को मोहम्मद रियाज अत्तारी और गौस मोहम्मद नाम के दो युवकों ने कन्हैया लाल का गला रेत दिया. दोनों ने हत्या का वीडियो बनाया और इसे वायरल किया था.

11 जुलाई को फिल्म होनी थी रिलीज 

यह फिल्म 11 जुलाई को रिलीज होनी थी, लेकिन इससे एक दिन पहले 10 जुलाई को दिल्ली हाई कोर्ट ने ‘उदयपुर फाइल्स’ की रिलीज पर अस्थायी रूप से रोक लगा दी. हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार को सिनेमा एक्ट की धारा 6 के तहत फिल्म की समीक्षा करने का आदेश दिया था. यह फैसला तीन याचिकाओं पर दिया गया था, जिनमें जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी की याचिका भी शामिल थी.

Related posts

सुक्ष्म सिंचाई मिशन के बारे में दी जानकारी : कृषि अधिकारियों ने ली किसानों की बैठक, काफी किसान हुए बैठक में शामिल

Report Times

राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा ने बी जे पी पर बोला बड़ा हमला

Report Times

सही बीज का चयन है सफल खेती का आधार : कृष्ण रतेरवाल

Report Times

Leave a Comment