Report Times
latestOtherकरियरकार्रवाईक्राइमगिरफ्तारजयपुरटॉप न्यूज़ताजा खबरेंराजस्थानस्पेशल

राजस्थान: जेईएन पेपर लीक मामले में SIT का बड़ा खुलासा, पेपर लीक का मास्टरमाइंड निकला एक अध्यापक, 50 लाख में पटवारी को वॉट्सऐप पर बेचा था पेपर

REPORT TIMES 

Advertisement

राजस्थान में पेपर लीक मामलों की जांच के लिए प्रदेश सरकार द्वारा बनाई गई स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने मंगलवार को बड़ा खुलासा किया. एटीएस एवं एसओजी के डीआईजी वीके सिंह ने बताया कि 2020 में राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSSB) द्वारा आयोजित कराई गई कनिष्ठ अभियंता भर्ती परीक्षा का पेपर हायर सैकेंडरी स्कूल खातीपुरा के थर्ड ग्रेड टीचर राजेंद्र कुमार यादव ने लीक किया था.

Advertisement

अभी तक पटवारी को समझा जा रहा था मास्टरमाइंड

Advertisement

इससे पहले पटवारी हर्षवर्धन मीणा को जेईएन भर्ती परीक्षा 2020 का पेपर लीक करने वाला मास्टरमाइंड समझा जा रहा था. इसीलिए राजस्थान पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम भी रखा था. पुलिस का जल्द ही कामयाबी भी मिल गई और हर्ष के साथ उसका साथी राजू यादव भी नेपाल बॉर्डर से गिरफ्तार कर लिया गया. जब पुलिस ने दोनों आरोपियों से पूछताछ की तो पता चला कि पटवारी को परीक्षा का पेपर वॉट्सऐप के जरिए मिला था, जिसे उसने करीब ढाई करोड़ रुपये में आगे दलालों और अभ्यर्थियों को बेच दिया था. उस वक्त पुलिस समझ गई कि हर्ष सिर्फ एक मोहरा है. इस पेपर लीक का असली मास्टरमाइंड अभी फरार है.

Advertisement

Advertisement

50 लाख रुपये में पटवारी को वॉट्सऐप पर बेचा पेपर

Advertisement

पूछताछ के दौरान हर्ष ने पुलिस को पेपर लीक की पूरी कहानी विस्तार से बता दी. उसने बताया कि 6 दिसंबर 2020 को भर्ती परीक्षा होनी थी. लेकिन इससे पहले ही राजेंद्र कुमार यादव अपने एक सहयोगी की मदद से स्कूल के स्टॉग रूम में दाखिल हो गया. इस दौरान उसने वहां रखे प्रश्न पत्र के लिफाके में बड़ी ही सफाई से चिरा लगाकर उसमें से पेपर निकाल लिया, और फिर उसका फोटो खींचकर पटवारी हर्ष को वॉट्सऐप पर भेज दिया. इसके बदले में उसने 50 लाख रुपये लिए. काम पूरा होने के बाद यादव ने बड़ी ही सफाई के साथ पेपर को वापस लिफाफे में डालकर उसे अपने स्थान पर रख दिया और स्टॉग रूम से बाहर निकलकर फरार हो गया.

Advertisement

23 साल से एक ही स्कूल में कार्यरत है अध्यापक राजेंद्र

Advertisement

हर्ष और राजू की निशानदेही पर पुलिस ने आरोपी शिक्षक राजेंद्र और उसके सहयोगी साथी शिवरतन मोटा को भी गिरफ्तार कर लिया. इन चारों आरोपियों को मिलाकर अब तक इस मामले में कुल 24 गिरफ्तारी हुई हैं. डीआईजी ने बताया कि भर्ती परीक्षा के पेपर स्कूल के स्टॉग रूम में दो घंटे पहले पहुंच गए थे. राजेंद्र स्टॉग रूम का इंचार्ज था. इसीलिए चाबी भी उसी के पास थी. इसी का फायदा उठाकर उसने पेपर लीक कर दिया, जिस कारण एग्जाम शुरू होने से पहले ही परीक्षा का वो पेपर सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा. जांच में सामने आया कि राजेंद्र यादव खातीपुरा के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में पिछले 23 साल से कार्यरत है. मई 2010 में उसका एक बार ट्रांसफर जरूर हुआ था, लेकिन वो 3 महीने बाद ही इसी स्कूल में वापस आ गया था. पुलिस को शक है कि इस दौरान भी उसने पेपर लीक कराए होंगे. फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ करते हुए आगे की कार्रवाई कर रही है.

Advertisement
Advertisement

Related posts

चिड़ावा : विजिलेंस की टीम का छापा, 2 ट्रांसफार्मर जब्त

Report Times

गृह क्लेश ने निगल ली जिंदगियां! टोंक में 3 बेटियों के साथ कुएं में कूदी मां, चारों की मौत

Report Times

हाईटेक और सबसे सुरक्षित है RapidX Rail Namo Bharat, मेट्रो से दौड़ेगी इतनी तेज

Report Times

Leave a Comment