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जब बिजली के पंखे नहीं थे और बिजली से चलने वाले छत के सीलिंग फैन भी नहीं थे, तब एयरकंडीशनर जैसी चीज के बारे में तो कोई सोचता ही नहीं था, तब भी गर्मी तो होती ही थी. तब गर्मी को भगाने का एक देसी तरीका था, जिसे पुंकाह, पंकहा या पंखा कहते थे. माना जाता है कि छठी सदी ईसापूर्व से इस तरह के पंखे का इस्तेमाल होने लगा था. कुछ लोग कहते हैं कि ये पंखा मिस्र या अरब देशों की उपज है. भारत में ये 17वीं या 18वीं सदी में आया. (फाइल फोटो)
